बेरूत हमले में इजराइल का लक्ष्य भले ही हिज्बुल्लाह और उसका चीफ था, लेकिन उसके एक और दुश्मन का बड़ा सैन्य कमांडर मारा गया है। इजराइल के हमले में ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का डिप्टी कमांडर भी मारा गया है, जो नसरल्लाह के साथ उस समय बंकर में मौजूद था। ईरान ने खुद इसकी पुष्टि की है। कहा जा रहा है कि इजराइल के इस हमले के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई भी किसी सुरक्षित ठिकाने पर चले गए हैं।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक प्रमुख जनरल की हत्या
ईरान ने शनिवार को घोषणा की कि उसके रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक प्रमुख जनरल की बेरूत में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह को मारने वाले हवाई हमले में मृत्यु हो गई। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि 58 वर्षीय अब्बास नीलफोरूशन की शुक्रवार को लेबनान में हत्या कर दी गई।
कौन था अब्बास नीलफोरूशन
अब्बास नीलफोरूशन ईरान के खतरनाक कमांडरों में से एक था, जिसने देश और विदेश में कई सैन्य ऑपरेशनों को अंजाम दिया था। कहा जा रहा है कि फिलहाल वो लेबनान में था और इजराइल पर हमले में भूमिका निभा रहा था। इससे पहले अब्बास नीलफोरूशन ने सीरिया में राष्ट्रपति बशर असद का समर्थन करते हुए दशकों तक चले युद्ध में भी काम किया, जो 2011 के अरब स्प्रिंग से शुरू हुआ था, जिसने पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले लिया था। उन्होंने अपने कई सहयोगियों की तरह 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध में भी काम किया था।
हिज्बुल्लाह चीफ मारा गया
इससे पहले लेबनान के हिजबुल्लाह समूह ने शनिवार को पुष्टि की कि उसके नेता और उसके संस्थापकों में से एक हसन नसरल्लाह पिछले दिन बेरूत में इजरायली हवाई हमले में मारे गए। एक बयान में कहा गया कि नसरल्लाह "अपने साथी शहीदों में शामिल हो गए हैं।" हिजबुल्लाह ने "दुश्मन के खिलाफ और फिलिस्तीन के समर्थन में पवित्र युद्ध जारी रखने" की कसम खाई। नसरल्लाह पिछले तीन दशकों से अधिक समय तक हिजबुल्लाह का नेतृत्व कर रहा था, हिजबुल्लाह के साथ कई हफ्तों तक चली लड़ाई में इजरायल द्वारा मारे जाने वाले अब तक के सबसे शक्तिशाली शख्स यही है।
