Iran avenge against America-Israel: ईरान ने US और इजरायल के चल रहे मिलिट्री ऑपरेशन के बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई के परिवार के कई सदस्य, जिनमें उनकी बेटी, दामाद और पोता भी शामिल हैं, वह सभी हमलों के दौरान मारे गए। इस बीच IRGC ने अमेरिका और इजरायल पर खतरनाक हमला करने की कसम खाई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि इजरायल और US के मिडईस्ट बेस को निशाना बनाने के लिए अब तक का सबसे जबरदस्त हमला होने वाला है।
IRGC का कहना है कि सबसे खतरनाक हमला जल्द ही शुरू होगा। IRGC पब्लिक रिलेशन्स द्वारा बयान जारी करते हुए कहा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सेना के इतिहास का सबसे खतरनाक हमला कुछ ही पलों में कब्जे वाले इलाकों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों की ओर शुरू होगा।'
इस बीच IRGC को नया कमांडर मिल गया है। ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को IRGC का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है।

IRGC का नया कमांडर-इन-चीफ
बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा, IRGC ने बदला लेने की कसम खाई
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाई है और उनकी हत्या को 'गंभीर, निर्णायक और अफसोसनाक' जुर्म बताया है। IRGC ने वादा किया कि 'ईरानी राष्ट्र का बदला लेने वाला हाथ' इसके लिए जिम्मेदार लोगों को नहीं छोड़ेगा। ईरान की कैबिनेट ने भी यही चेतावनी दोहराई और कहा कि यह 'बड़ा जुर्म कभी भी बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।' ये बयान तेहरान के बदले की कार्रवाई करने के इरादे का इशारा देते हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ रहा है और संभावित लड़ाई का डर बढ़ रहा है।
अमेरिका-इजरायल हमले से ईरान में कितना नुकसान?
ईरान की सरकारी मीडिया का कहना है कि दक्षिणी ईरान के एक स्कूल पर हुए हमले में कम से कम 108 लोग मारे गए हैं, और 24 प्रांतों में कुल 201 लोगों की मौत हो गई है। बदले में, ईरान ने कतर, UAE, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, सऊदी अरब और इराक समेत कई मिडिल ईस्ट देशों में US और इजरायली एसेट्स को निशाना बनाया है। बढ़ते तनाव के बीच, इलाके के कई देशों ने सुरक्षा पक्का करने के लिए अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं।
