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'धमकियों के बीच नहीं करेंगे बातचीत', गालिबाफ की ट्रंप को दो टूक, कहा- युद्धविराम टूटा तो नए सैन्य विकल्प तैयार

Iran War: मोहम्मद बगेर गालिबफ का कहना है कि अगर पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ दो सप्ताह का युद्धविराम इस सप्ताह टूट जाता है, तो ईरान ने नए सैन्य विकल्प तैयार कर रखे हैं।

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गालिबाफ के सख्त तेवर

Photo : AP

Iran US Talk: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत अभी भी अधर में लटकी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप के लगातार बदलते बयानों और धमकियों के बीच ईरान ने एक बार फिर कहा है कि वह धमकियों के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं करेगा। ईरान ने सोमवार को संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ के हवाले से कहा कि ईरान धमकियों के साये में अमेरिका के साथ बातचीत को खारिज करता है।

होर्मुज पर नाकाबंदी की कड़ी आलोचना

बातचीत में अहम भूमिका निभा रहे गालिबफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की कड़ी आलोचना की, जिसे तेहरान ने पहले से ही नाजुक युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। संसद अध्यक्ष ने X पर कहा कि ट्रंप धमकियों का इस्तेमाल बातचीत को आत्मसमर्पण की मेज में बदलने या नए सिरे से युद्ध भड़काने को जायज ठहराने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ दो सप्ताह का युद्धविराम इस सप्ताह टूटता है, तो ईरान ने नए सैन्य विकल्प तैयार रखे हैं।

ट्रंप ने रविवार को घोषणा की थी कि अमेरिकी प्रतिनिधि बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाएंगे, हालांकि तेहरान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है और नाकाबंदी हटाने की मांग की है। ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब अमेरिका पिछले सप्ताह से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर नौसैनिक नाकाबंदी बनाए हुए है। तेहरान ने इस नाकाबंदी को मौजूदा युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।

Hormuz पर जंग

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ट्रंप की चेतावनी

रविवार को ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर तेहरान संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं करता है, तो अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। वाशिंगटन समयानुसार मंगलवार शाम को युद्धविराम समाप्त होने वाला है, ऐसे में बाजारों में चिंता और बढ़ गई है।

ईरान ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है, लेकिन शनिवार को उसने अपना रुख बदल दिया और इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया। सरकारी मीडिया का कहना है कि अमेरिका ने अपने दायित्वों का पालन नहीं किया है, जिसके बाद जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं।

पाकिस्तान ने 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहली बार अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय प्रत्यक्ष बैठक की मेजबानी की। 1979 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध टूटने के बाद यह पहली ऐसी बैठक थी, लेकिन वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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