Iran Protests: 'डेथ टू खामेनेई, डेथ टू...', हिंसक प्रदर्शन में अब तक 65 लोगों की मौत; ट्रंप सहित दुनिया के नेताओं ने क्या-क्या कहा?
- Edited by: Piyush Kumar
- Updated Jan 10, 2026, 08:42 AM IST
Iran Protest Against Khamenei Government: ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। अब तक 65 लोग मारे गए और 2,300 से अधिक हिरासत में लिए गए। इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय कॉल सेवा बंद होने के बावजूद लोग सड़कों पर उतरे, शाह समर्थक नारे लगाए और खामेनेई सरकार के खिलाफ विरोध जताया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है, जबकि पश्चिमी देश प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं।
ईरान में आयतुल्ला अली खामेनेई शासन के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग।(फोटो सोर्स: AP)
'ये आखिरी लड़ाई है, पहलवी वापस आएंगे' जैसे नारे लगाए जा रहे।
ट्रंप के हाथ “इरानियों के खून से सने हुए हैं: आयतुल्ला अली खामेनेई
Iran Protest Against Khamenei Government: ईरानी मुद्रा रियाल के तेज गिरावट और बढ़ती महंगाई के खिलाफ लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा। पिछले कुछ दिनों से ईरान की सड़कों पर आगजनी और हिंसक प्रदर्शन जारी है। खामेनेई शासन के खिलाफ बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
इस हिंसक प्रदर्शन की वजह से खबर लिखे जाने तक कम से कम 65 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 2,300 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं। शुक्रवार से ही देश में इंटरनेट सेवा ठप्प है। वहीं, ईरान की सरकार ने एयरस्पेस भी बंद कर रखा है।
स्थानीय और ऑनलाइन वीडियो से पता चला है कि इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय कॉल सेवा बंद होने के बावजूद, तहरान और अन्य क्षेत्रों में लोग सड़कों पर उतरे और “Death to Khamenei” और “Death to the Islamic Republic” के नारे लगाए।

आयतुल्ला अली खामेनेई शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग।(फोटो सोर्स: AP)
सड़कों पर लग रहे शाह जिंदाबाद के नारे
विरोध प्रदर्शन में शाह के समर्थन में नारे भी लगाए गए, जो 1979 के इस्लामिक क्रांति से पहले की सरकार को याद दिलाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विरोध सरकार की आर्थिक नीतियों और मौजूदा राजनीतिक स्थिति के खिलाफ व्यापक असंतोष का संकेत है।
इससे पहले शुक्रवार को ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों को घरों से बाहर निकलकर इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ प्रदर्शन करने की अपील की थी। उनके अपील पर बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतर रैलियों में शामिल हुए।
पहलवी की अपील के बाद गुरुवार रात को जैसे ही 8 बजे, लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने 'तानाशाही मुर्दाबाद' और 'इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए. दूसरी तरफ शाह के समर्थन में 'ये आखिरी लड़ाई है, पहलवी वापस आएंगे' जैसे नारे लगाए गए।

ईरान की सड़कों पर पिछले कुछ दिनों से आगजनी और हिंसक प्रदर्शन जारी।(फोटो सोर्स: AP)
खामेनेई ने अमेरिका को बताया हिंसा का जिम्मेदार
वहीं, सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला करते हुए कहा कि उनके हाथ “इरानियों के खून से सने हुए हैं।”
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को “आतंकवादी” करार दिया और चेतावनी दी कि उनके खिलाफ कड़ा कार्रवाई की जाएगी। न्यायपालिका प्रमुख घोलामहुसैन मोहसनी-एजी ने भी कहा कि प्रदर्शनों में शामिल लोगों को “अत्यधिक सजा दी जाएगी।”
दुनिया के नेताओं ने जताई चिंता
इस घटना पर अमेरिका सहित दुनियाभर से कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने संयुक्त बयान जारी कर हिंसा की निंदा की और इरानी नागरिकों को बिना डर के अपनी बात रखने की स्वतंत्रता देने का आग्रह किया। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता शिरीन एबादी ने भी पश्चिमी देशों से इरानी शासन की निंदा करने का आह्वान किया।
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया, तो अमेरिका “कड़े उपाय” करेगा। उन्होंने कहा, “इरान बड़े संकट में है और लोग कुछ शहरों पर काबू पा रहे हैं, जो कुछ हफ्ते पहले असंभव लगते थे।”