ईरान में एक बड़ा और संवेदनशील मामला सामने आया है। देश का न्याय तंत्र बीटा हेम्मती नाम की महिला को फांसी देने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि अगर ऐसा होता है, तो वह सरकार विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े मामले में फांसी पाने वाली पहली महिला बन सकती हैं। बीटा हेम्मती पर आरोप है कि उन्होंने जनवरी में हुए देशभर के विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया और हिंसा में शामिल रहीं। इस मामले में उनके पति मोहम्मदरेजा मजीद अस्ल और दो अन्य लोगों बेहरोज और कोरोश जमानिनेजाद को भी दोषी माना गया है। इन सभी को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैसले के बाद इनकी संपत्ति भी जब्त कर ली गई है।
इन लोगों पर लगाए गए कई गंभीर आरोप
ईरान की विपक्षी संस्था ने दावा किया है कि इन लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें विस्फोटक और हथियारों का इस्तेमाल करना, सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाना और छतों से पत्थर, बोतलें और आग लगाने वाली चीजें फेंकना शामिल है। इसके अलावा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, विरोध में नारे लगाने और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी काम देश की सुरक्षा को कमजोर करने वाले हैं। इस मामले में बीटा के एक रिश्तेदार अमीर हेम्मती को भी सजा दी गई है। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ साजिश और सरकार के खिलाफ प्रचार करने के आरोप में करीब छह साल की जेल हुई है। इन सभी को तेहरान से गिरफ्तार किया गया था, जो उस समय विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र बना हुआ था।
बड़ी संख्या में लोगों को किया गया था गिरफ्तार
दरअसल, ये विरोध प्रदर्शन दिसंबर के अंत में शुरू हुए थे। शुरुआत में दुकानदारों और व्यापारियों ने हड़ताल की, लेकिन जल्द ही यह आंदोलन सड़कों पर फैल गया। कुछ ही दिनों में छात्र और समाज के कई अन्य लोग भी इसमें शामिल हो गए और यह विरोध कई शहरों तक पहुंच गया। सरकार ने इन प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई की। कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबरें सामने आईं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कई लोगों को सख्त सजा दी गई, जिसमें फांसी भी शामिल है। हाल के समय में ईरान में फांसी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में बड़ी संख्या में लोगों को मौत की सजा दी गई, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। औसतन हर दिन कई लोगों को फांसी दी जा रही है, जो चिंता का विषय बन गया है।
