Iran Missiles Vs Arrows: ईरान ने हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या का बदला लेने के लिए इजरायल पर मिसाइलों की बौछार कर दी है। इजरायली शहरों के ऊपर सैकड़ों मिसाइलें उड़ती देखी गईं, जिसके बाद लोगों को जान बचाकर भागना पड़ा। ईरान ने इजरायल पर 200 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। लेकिन इजरायल ने इसके लिए पूरी तैयारी की है। इजरायली सेना को भरोसा है कि 1991 के खाड़ी युद्ध के बाद से विकसित किया गया उसका एयर डिफेंस सिस्टम हमले को रोक सकता है और किसी भी बड़े नुकसान को रोक सकता है।
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने एक बयान में कहा कि ईरान का हमला जारी है। आपसे अगली सूचना तक सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने का अनुरोध किया जाता है। आप जो विस्फोट सुन रहे हैं वे गिरे हुए प्रोजेक्टाइल से हैं। एरियल डिफेंस ऐरे (Array) मिसाइलों की पहचान कर रहा है और उन्हें रोक रहा है।
एरो (Arrow)
एरो मिसाइल रक्षा प्रणाली में एरो-2 (Arrow-2) और (Arrow-3) शामिल हैं। इसे पृथ्वी के वायुमंडल से परे बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। लंबी दूरी के इस डिफेंस सिस्टम को ईरान के मिसाइल खतरे को ध्यान में रखकर विकसित किया गया था। इसमें मिसाइल अपने लक्ष्य से टकराती है और उसे आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने से पहले ही खत्म कर देती है। बोइंग के सहयोग से विकसित एरो ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय काफी लोकप्रियता हासिल की है। 28 सितंबर को जर्मनी ने लगभग 4.2 बिलियन डॉलर में एरो-3 प्रणाली खरीदने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

इजराइल का Iron Dome डिफेंस सिस्टम
डेविड स्लिंग (David's Sling)
मध्यम दूरी के खतरों के लिए इजरायल डेविड स्लिंग पर निर्भर है, जो 100 से 200 किलोमीटर की दूरी पर मिसाइलों को रोकने में सक्षम है। राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स और रेथियॉन (Rafael Advanced Defense Systems and Raytheon) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह सिस्टम विमान, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को भी निशाना बनाता है, जिसने हवाई रक्षा में इजरायल को बेहद मजबूती दी है।
आयरन डोम
आयरन डोम (Iron Dome) सिस्टम कम दूरी के खतरों के खिलाफ अहम सुरक्षा प्रदान करती है। गाजा से हमास द्वारा अक्सर लॉन्च किए जाने वाले रॉकेट का इसने बखूबी मुकाबला किया है। सिस्टम पहचान करता है कि रॉकेट किसी आबादी वाले इलाके पर हमला करने जा रहा है या नहीं। अगर नहीं, तो रॉकेट को नजरअंदाज कर दिया जाता है और बिना नुकसान वाले इलका में गिरने दिया जाता है।
आयरन डोम को मूल रूप से 4 से 70 किमी के बीच की दूरी से लॉन्च होने वाले रॉकेटों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है। इस सिस्टम से आबादी वाले इलाकों को सुरक्षा कवरेज दिया जाता है। इसने कुछ सालों में अपनी क्षमता दिखाते हुए बहुत नाम कमाया है। तब से इसका लगातार विस्तार किया जा रहा है।
लेजर आधारित सिस्टम
इन स्थापित सिस्टम के अलावा, इजरायल एक लेजर-आधारित इंटरसेप्शन तकनीक को आगे बढ़ा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 2 डॉलर प्रति इंटरसेप्शन है। ये सिस्टम दुश्मन के रॉकेट और ड्रोन के खिलाफ लगातार कारगर साबित होकर लागत को काफी कम करके हवाई रक्षा में जबरदस्त बदलाव ला रहा है।
