अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को मार गिराने के बाद अब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी)ने होर्मुज स्ट्रैट में एक इजरायली झंडे वाले व्यापारिक जहाज को निशाना बनाया है। आईआरजीसी की नौसेना ने शनिवार को यह दावा किया। उसने कहा कि इजरायल से जुड़े एक वाणिज्यिक जहाज पर ड्रोन अटैक कर उसे आग के हवाले कर दिया गया है।
हॉर्मुज स्ट्रेट में 'एमसीएस इशिका'को बनाया शिकार
आईआरजीसी नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि यह हमला हॉर्मुज स्ट्रेट में किया गया। वहीं,आधिकारिक न्यूज एजेंसी ‘सेपाह न्यूज’के जरिए जारी बयान में कहा गया कि बहरीन के खलीफा बिन सलमान पोर्ट पर 'एमसीएस इशिका'नामक इजरायल-स्वामित्व वाले जहाज को निशाना बनाया गया।
ईरान के अनुसार,यह जहाज किसी तीसरे देश के झंडे के तहत चल रहा था। उस पर “शक्तिशाली प्रोजेक्टाइल” से हमला किया गया। इसे पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर किए जा रहे हमलों की 95वीं कड़ी बताया गया।
आईडीएफ ने भी तेहरान में हमलों का किया दावा
इस बीच, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ)ने भी शनिवार को दावा किया कि उसने तेहरान में कई अहम सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। आईडीएफ के मुताबिक,इन हमलों में आईआरजीसी के एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल भंडारण केंद्र और हथियार अनुसंधान व उत्पादन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। आईडीएफ ने कहा कि ये हमले ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा हैं।
इस हालिया घटनाक्रम से पहले शुक्रवार को अमेरिकी सेना के दो लड़ाकू विमान भी ईरानी हमले की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। इनमें से एक पायलट को बचा लिया गया है,जबकि दूसरा लापता है।
खुजेस्तान में पेट्रोकेमिकल कंपनियों पर अमेरिका-इजरायल के हमले
उधर, ईरान की अर्ध-आधिकारिक तसनीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुजेस्तान में पेट्रोकेमिकल कंपनियों पर अमेरिका-इजरायल के हमलों में कम से कम पांच लोग घायल हुए हैं। इन कंपनियों में फजर-1 और 2, रेगल, अमीरकबीर, बंदर इमाम और बुअली सिना शामिल हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। खोर्रमशहर शहर का शलामचेह सीमा व्यापार टर्मिनल भी हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। बताया गया कि माहशहर स्पेशल पेट्रोकेमिकल जोन को एहतियातन खाली करा लिया गया है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने तेहरान समेत कई ईरानी शहरों पर संयुक्त हमले किए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और नागरिक मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान लगातार इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है।
