Middle East Tension: रिवोल्यूशनरी गार्ड को घोषित किया आतंकी संगठन तो भड़क गया ईरान; ईयू के राजदूतों को किया तलब
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Feb 2, 2026, 04:08 PM IST
ईरान ने कहा कि उसने अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के यूरोपीय संघ (ईयू) के फैसले पर विरोध दर्ज कराने के वास्ते इसके सभी राजदूतों को तलब किया है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड(File image)
ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड को लेकर ईरान और यूरोपीय युनियन में ठन गई है।इस महीने की शुरुआत में ईरान में हुए राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के हिंसक दमन में इसकी भूमिका के कारण यूरोपीय संघ ने इसे आतंकवादी समूह घोषित कर दिया है। जिसके बाद ईरान भड़क गया है। उसने इस मामले में यूरोपीय संघ (ईयू) के फैसले पर विरोध दर्ज कराने के वास्ते इसके सभी राजदूतों को तलब किया है।
यूएसएस अब्राहम लिंकन पश्चिम एशिया में तैनात
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की कथित हत्या और सामूहिक फांसी के मामलों को लेकर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का खतरा झेलना पड़ रहा है। अमेरिकी सेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और कई मिसाइल विध्वंसक जहाजों को पश्चिम एशिया में तैनात कर दिया है। हालांकि, यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बल प्रयोग का फैसला करेंगे या नहीं, क्योंकि क्षेत्रीय देश पश्चिम एशिया में एक और नया युद्ध रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं।
यूरोपीय संघ ने किया आतंकी संगठन घोषित
यूरोपीय संघ ने पिछले सप्ताह जनवरी में देशव्यापी प्रदर्शनों पर हुई हिंसक कार्रवाई में भूमिका के कारण रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी संगठन घोषित करने पर सहमति जताई थी। इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत हुई और हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया।
ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा
अमेरिका और कनाडा सहित अन्य देश पहले ही रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं। हालांकि, यह कदम काफी हद तक प्रतीकात्मक माना जा रहा है, लेकिन इससे ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है, खासकर इसलिए क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था में रिवोल्यूशनरी गार्ड की बड़ी भूमिका है।
क्या बोले ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने पत्रकारों को बताया कि रविवार से राजदूतों को तलब करने की प्रक्रिया शुरू हुई और सोमवार तक जारी रही।
बाघाई ने कहा कि कई कदमों की समीक्षा की गई है,विभिन्न विकल्प तैयार किए जा रहे हैं और उन्हें संबंधित निर्णय लेने वाले संस्थानों को भेजा गया है। हमें लगता है कि आने वाले दिनों में यूरोपीय संघ के इस अवैध,अनुचित और बेहद गलत कदम के जवाब में ईरान कोई जवाबी फैसला लेगा।
इस बीच,बाघाई ने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार होर्मुज जलडमरूमध्य में रिवोल्यूशनरी गार्ड का सैन्य अभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार जारी है। इस जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। जब बाघाई से पूछा गया कि क्या ईरान युद्ध का सामना कर सकता है, तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल भी चिंता न करें। हालांकि,उन्होंने यह बताने से इनकार किया कि क्या ट्रंप ने अमेरिका की मांगों पर प्रतिक्रिया देने के लिए ईरान को कोई समयसीमा दी है।
ईरान ने भी यूरोपीय संघ की सभी सेनाओं को आतंकी संगठन बताया
इससे पहले,रविवार को ईरान की संसद के अध्यक्ष ने 2019 के एक कानून का हवाला देते हुए कहा था कि अब इस्लामिक गणराज्य यूरोपीय संघ की सभी सेनाओं को आतंकी संगठन मानता है। रिवोल्यूशनरी गार्ड की स्थापना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद शिया धर्मगुरुओं की निगरानी वाली सरकार की रक्षा के लिए की गई थी और बाद में इसे संविधान में भी शामिल किया गया। यह देश की नियमित सेना के समानांतर काम करता है और 1980 के दशक में इराक के साथ लंबे और विनाशकारी युद्ध के दौरान इसकी ताकत और प्रभाव बढ़ा। युद्ध के बाद इसके विघटन की संभावना थी,लेकिन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इसे निजी क्षेत्र में विस्तार की अनुमति दी, जिससे यह और मजबूत हुआ।