दुनिया

नेतन्याहू की वॉर्निंग से घबराया ईरान! इजराइली PM की हत्या के प्रयास से किया इंकार, हिजबुल्ला पर मढ़ दिया दोष

Israel Hezbollah War: इजराइल के विदेश मंत्री इजराइल कैट्स ने कहा, जिस हिजबुल्ला को ईरान ने वित्तपोषित किया, सशस्त्र किया और प्रशिक्षण दिया और अब वह अपने सभी कार्यों को नियंत्रित करने लगा है। अब हिजबुल्ला को एक स्वतंत्र इकाई के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ईरान के झूठ उनकी मदद नहीं करेगें। इसके लिए आप ही सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।

Image

इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू।

Photo : Twitter

Israel Hezbollah War: इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के केसरिया स्थिति आवास के पास हुए ड्रोन हमले से ईरान ने किनारा कर लिया है। उसने कहा है कि वह इजराइली पीएम के हत्या के प्रयास में शामिल नहीं था। इसके पीछे हिजबुल्ला का हाथ था। यह जानकारी तब सामने आई है, जब एक दिन पहले ड्रोन हमले के बाद इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्ला को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी हत्या का प्रयास करके हिजबुल्ला ने बड़ी गलती कर दी है और उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।

इस हमले के बाद इजराइली अधिकारियों ने यह भी दावा किया था कि नेतन्याहू के आवास के पास किए गए हमले में ईरान भी शामिल था और उसी के इशारे पर लेबनान से ड्रोन अटैक किया गया था। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में ईरानी दूतावास ने इससे इंकार किया है। सीधे तौर पर हिजबुल्ला पर इस हमले का आरोप लगाया है। इसके बाद इजराइली विदेश मंत्री ने कहा है कि हिजबुल्ला को ईरान ने वित्तपोषित किया है और आप ही इसके लिए जिम्मेदार हैं।

हिजबुल्ला को स्वतंत्र इकाई के रूप में पेश कर रहा ईरान

इजराइल के विदेश मंत्री इजराइल कैट्स ने ट्वीट कर कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में ईरानी दूतावास ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर हत्या के प्रयास की जिम्मेदारी से इनकार किया है, और दावा किया है कि इसके पीछे हिजबुल्ला का हाथ था। उन्होंने कहा, जिस हिजबुल्ला को ईरान ने वित्तपोषित किया, सशस्त्र किया और प्रशिक्षण दिया और अब वह अपने सभी कार्यों को नियंत्रित करने लगा है। अब हिजबुल्ला को एक स्वतंत्र इकाई के रूप में पेश किया जा रहाहै। उन्होंने कहा, ईरान के झूठ उनकी मदद नहीं करेगें। इसके लिए आप ही सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।

इजराइल ने बेरूत में की एयर स्ट्राइक

वहीं, इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह पर कम से कम तीन हवाई हमले किए, जहां हिज्बुल्ला के कार्यालय हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, गाजा में इजराइली सेना ने फलस्तीनी क्षेत्र के उत्तरी हिस्से में अस्पतालों को निशाना बनाया, और हमलों में 24 घंटे से भी कम समय में बच्चों सहित 50 से अधिक लोग मारे गए।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article