Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थायी समयानुसार) कहा कि ईरान (Iran) इस बात के लिए तैयार हो गया है कि वह 'कभी परमाणु हथियार (Nuclear Programme) नहीं रखेगा।' साथ ही उन्होंने उन रिपोर्टों को भी खारिज जिनमें कहा गया है कि यूएस, ईरान को 300 मिलियन डॉलर की मदद देगा। ट्रंप ने इसे 'फेक न्यूज' बताया है। अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के साथ होने वाला समझौता यह सुनिश्चित करेगा कि तेहरान कभी न्यूक्लियर हथियार न बना पाए।
ट्रंप ने लिखा, 'न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने के बारे में ईरान तैयार हो गया है। साथ ही यह रिपोर्ट कि अमेरिका, ईरान को 300 डॉलर दे रहा है, इसे डेमोक्रेट्स फैला रहे हैं, जो कि फर्जी है'
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समझौते को अंतिम रूप दिया-ट्रंप
इससे पहले ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका और ईरान ने अपने 107 दिन लंबे युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। इस युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को कहा कि उनका देश स्विट्जरलैंड में 19 जून को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित किये जाने वाले समारोह की मेजबानी करेगा। शांति समझौते का विवरण हालांकि तत्काल उपलब्ध नहीं कराया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोला जाएगा
ट्रंप ने रविवार शाम को ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, 'इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ समझौते को अंतिम रूप दिया जा चुका है। सभी को बधाई।' इस समझौते से वैश्विक ऊर्जा बाजारों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोला जाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी समाप्त कर दी जाएगी। ट्रंप ने कहा, 'मैं मुक्त आवाजाही के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल पूरी तरह खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने की मंजूरी देता हूं। दुनिया के जहाजों, इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह होने दो।'
ट्रंप अपना 80वां जन्मदिन मनाया
हालांकि, एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य शुक्रवार को समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होने के बाद ही खोला जाएगा। यह समझौता ऐसे दिन हुआ जब ट्रंप अपना 80वां जन्मदिन मना रहे थे। इस शांति समझौते को अंतिम रूप दिये जाने के साथ ही युद्ध और कूटनीति से भरे एक उथल-पुथल भरे हफ़्ते का समापन हुआ; इस दौरान अमेरिका ने ईरान पर हमले किए और अमेरिकी राष्ट्रपति ने आखिरी समय पर इस्लामी गणराज्य के तेल निर्यात केंद्र, खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की अपनी धमकी वापस ले ली। ट्रंप ने कहा, 'यह समझौता पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लाएगा। मुझसे पहले कई राष्ट्रपतियों ने ईरान के साथ शांति स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन सभी विफल रहे।'
दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी इजराइल की सेना
इस बीच, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी। स्थानीय मीडिया की खबर के अनुसार, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान हमला करता है, तो इजराइल ईरान पर 'जबर्दस्त ताकत' से हमला करेगा। सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना’ की खबर के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि समझौते को लागू करने और लेबनान पर इजराइली हमलों को पूरी तरह रोकने के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने पुष्टि की कि हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को होना है, जिसके बाद धीरे-धीरे इस समझौते को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
शर्तों और आपसी लेन-देन पर आधारित है समझौता
उन्होंने कहा कि समझौते के तहत ईरान की प्रतिबद्धताएं पूरी तरह से शर्तों और आपसी लेन-देन पर आधारित हैं। उन्होंने आगे कहा कि ईरान के कदम दूसरे पक्ष द्वारा दिखाए गए अनुपालन के स्तर के अनुरूप ही होंगे। गरीबाबादी ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों तक बातचीत चलेगी, जिसमें मुख्य रूप से परमाणु मुद्दे और प्रतिबंध हटाने पर ध्यान दिया जाएगा; इन प्रतिबंधों में एकतरफा, द्वितीयक और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध शामिल होंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने कहा, 'गहन बातचीत के बाद, हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है।'
(एजेंसी इनपुट)
