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पाकिस्तान में इतना धीमा हुआ इंटरनेट कि फोटो भेजना भी हुआ मुश्किल, लोगों का फूटा गुस्सा

पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी के प्रदर्शन के कारण सरकार ने इंटरनेट पर पहरेदारी बढ़ा दी है। जिसके बाद पाक में इंटरनेट की स्पीड काफी स्लो हो गई है।

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पाकिस्तान में इंटरनेट हुआ काफी धीमा (फोटो- @ShehbazSharif & @Pixabay)

KEY HIGHLIGHTS
  • पाकिस्तान में इंटरनेट पर पहरेदारी
  • एक-एक मैसेज भेजना हुआ मुश्किल
  • सरकार ने इमरान खान पर मढ़ा दोष

पाकिस्तान में इंटरनेट की धीमी स्पीड से जनता गुस्से में दिख रही है। पाकिस्तान में पिछले कई दिनों से इंटरनेट इतना धीमा चल रहा है कि एक-एक मैसेज भेजने में लोगों के पसीने छुट जा रहे हैं। हाल ये है कि अब शरीफ सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटने लगा है।

सरकार की निगरानी से स्पीड स्लो

पाकिस्तान में इंटरनेट की बेहद धीमी गति और बार-बार आ रही रुकावटों को लेकर जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जनता के गुस्से का एक बड़ा कारण वो फायरवॉल हैं जो शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से कथित तौर पर सोशल मीडिया पर राज्य विरोधी कंटेंटे की निगरानी के लिए स्थापित किए हैं। सरकार ने पिछले सप्ताह विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेतृत्व में सरकार विरोधी अभियान और विरोध प्रदर्शनों के बीच यह कदम उठाया था। इंटरनेट और डाडा कनेक्टिविटी की लगातार धीमी स्पीड ने यूजर्स के लिए सोशल मीडिया एप्लिकेशन पर मैसेज, फोटो, वीडियो या वॉयस नोट्स भेजना और प्राप्त करना लगभग असंभव बना दिया है।

पाक सरकार का दावा

पाकिस्तान की संघीय इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम राज्य मंत्री शाजा फतिमा ने दावा किया कि स्थिति नियंत्रण में है और इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय पूरे देश में बिना रुकावट इंटरनेट सुनिश्चित करने के लिए 'कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।' फातिमा ने कहा, "सरकार आईटी और टेलीकॉम इंडस्ट्री की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, हम मौजूदा प्रणालियों को अपडेट कर रहे हैं और प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसमें टावर इंटेंसिटी बढ़ाना, ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंच को व्यापक बनाना शामिल है।"

इमरान के कारण इंटरनेट स्लो?

सरकार ने दावा किया कि वह इस्लामाबाद और सैन्य प्रतिष्ठान के खिलाफ कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए प्रसारित की जा रही फर्जी खबरों, गलत सूचनाओं और गलत प्रचार पर अंकुश लगाना चाहती है। पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान के खिलाफ अपने गुस्से को व्यक्त करने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का इस्तेमाल कर रही है। रविवार को, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों, स्टेट और सैन्य प्रतिष्ठान के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अभियानों से निपटने के लिए 10-सदस्यीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की। टास्क फोर्स का लक्ष्य झूठी और फर्जी खबरें बनाने वाले संगठनों और व्यक्तियों की पहचान करना, उन्हें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रैक करना और देश के कानून के अनुसार उन्हें जवाबदेह ठहराना है। हालांकि, देश में इंटरनेट यूजर्स, सरकार के दावों से सहमत नहीं हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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