भारत और रूस की दोस्ती पूरी दुनिया में जगजाहिर है। हाल ही में इस बात की बानगी फिर से देखने को मिली। वह भी तब, जब रूस में एयर इंडिया (एआई) की एक फ्लाइट फंस गई थी। हैरान-परेशान हिंदुस्तानी यात्रियों की मदद के लिए तब एक फिरंगी महिला पहुंची थीं। वह भी अपने काम से ब्रेक लेकर। महिला ने अपने डायरेक्टर को बताया कि वह भारतीयों की मदद के लिए जा रही है। उनके मुताबिक, अगर हम एक-दूसरे की मदद नहीं करेंगे तो कौन करेगा?
मदद करने वाली महिला ने बताया- हमें एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। अगर आज हम (रूस) करेंगे तो कल वे (इंडिया और वहां के लोग) भी हमारी हेल्प करेंगे। मैं इंडियन फिल्म के साथ बड़ी हुई हूं। मिथुन चक्रवर्ती, ऋषि कपूर और राज कपूर को जानती हूं। जिम्मी-जिम्मी आजा आजा गाना भी मैंने सुना है (मुस्कुराते हुए...)।
दरअसल, एअर इंडिया के प्लेन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते वह रूस के मगदान में फंस गया था। इस फ्लाइट में 216 यात्रियों और चालक दल के 16 सदस्य सवार थे। ये लोग दो दिनों से फंसे हुए थे। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इस प्लेन के लोगों को लेकर एक दूसरा प्लेन गुरुवार को सैन फ्रांसिस्को पहुंच गया।
विमानन कंपनी ने ‘काफी अधिक देरी’ के लिए ग्राहकों से माफी मांगी। साथ ही यात्रियों को हुई परेशानी और असुविधा के लिए खेद जताया। एयरलाइन कंपनी ने कहा कि टिकट का पूरा पैसा लौटाया जाएगा और एयर इंडिया से भावी यात्रा के लिए वाउचर भी दिए जाएंगे।
एआई की फ्लाइट संख्या एइआई-173 छह जून को तड़के चार बजकर 23 मिनट पर दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को के लिए रवाना हुई थी। उसे सुबह सात बजे (स्थानीय समयानुसार) अपने गंतव्य पर पहुंचना था। पर बोइंग 777-200 एलआर इंजनों में एक में बीच रास्ते में तकनीकी खराब हो गई और उसे दूर मगदान शहर में आपात स्थिति में उतारना पड़ा था। (पीटीआई इनपुट्स के साथ)
