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'बंकर में छिपने जैसे हालात हो गए थे, मुझे...'; ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कबूली बड़ी बात

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की सैन्य कार्रवाई से पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में खलबली मच गई थी। आलम यह था कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को भी बंकर में छिपने की सलाह दी गई थी। खुद जरदारी ने इस बात को स्वीकार किया है।

ऑपरेशन सिंदूर से खौफ में थे जरदारी।

ऑपरेशन सिंदूर से खौफ में थे जरदारी।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक और सटीक कार्रवाई की थी, जिससे पड़ोसी मुल्क के आकाओं की नींद उड़ गई थी। पहलगाम हमले में आतंकियों ने 26 निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया था, जिसके जवाब में भारत ने मई में ऑपरेशन सिंदूर चलाया। इस ऑपरेशन में पीओजेके में मौजूद आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, वहीं बाद में पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भी नष्ट किया गया। अब पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कबूल किया है कि भारत के हमलों से पाकिस्तान में खौफ का माहौल हो गया था।

शनिवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी ने ये बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि भारत की त्वरित और सटीक सैन्य कार्रवाई ने पाकिस्तान को सिर्फ रणनीतिक तौर पर ही नहीं,बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी तोड़ दिया था। हालात ऐसे बने कि पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व में डर दिखाई देने लगा था।

बंकर में छिपने जैसे हालात हो गए थे

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खुलासा किया कि मई में नई दिल्ली के जवाबी हमलों के दौरान उनके सैन्य सचिव ने उन्हें सुरक्षा के लिए तुरंत बंकर में जाने की सलाह दी थी। जरदारी के मुताबिक, 'मेरे सैन्य सचिव (एमएस)वहीं थे। वे मेरे पास आए और बोले,'सर, युद्ध शुरू हो गया है, चलिए बंकरों में चलते हैं, लेकिन मैंने जाने से इनकार कर दिया।' अब जरदारी के बयान से ये साफ हो गया है कि पाकिस्तान के आलाकमान भारत की जवाबी कार्रवाई से खौफ में आ गए थे।

आतंक के खिलाफ भारत का निर्णायक प्रहार

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद भारत ने साफ कर दिया था कि आतंकवाद को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं जाएगा। इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने मई की शुरुआत में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में मौजूद आतंक के ढांचों पर सटीक प्रिसिजन स्ट्राइक की। अपनी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान और PoJK में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी रणनीतिक हमले किए गए।

सीजफायर की पहल पाकिस्तान की ओर से

भारत की सख्त कार्रवाई के बाद हालात यहां तक पहुंचे कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO)को खुद भारत के DGMO से संपर्क कर सीजफायर का प्रस्ताव रखना पड़ा। इस बात की पुष्टि भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी की कि दोनों देशों ने ज़मीन,समुद्र और हवा में सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति जताई।

ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने यह संदेश दिया कि आतंकवाद का जवाब सीधे और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा। भारत ने दिखा दिया कि वह अब सिर्फ चेतावनी नहीं,बल्कि कार्रवाई में विश्वास रखता है। इसके बाद पाकिस्तान ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचो पर अपना रोना रोया, लेकिन भारत ने उसे पूरी दुनिया में अलग-थलग किया।

नूर खान एयरबेस को हुआ था गंभीर नुकसान

राष्ट्रपति जरदारी के अलावा, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी ऐसी बात स्वीकार की है, जिससे दुनियाभर में एक बार फिर उनके देश की किरकिरी हुई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में माना कि भारत के सटीक हमलों में नूर खान एयरबेस को नुकसान हुआ और वहां तैनात पाकिस्तानी जवान भी घायल हुए। गौरतलब है कि पहले पाकिस्तान ने दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसे कोई खास क्षति नहीं हुई थी। वहीं, अब इशाक डार ने यह स्वीकार करके खुद ही अपनी बेइज्जती कराई है।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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