भारतीय (Indian) मूल के विवेक लाल (Vivek Lall) ने अमेरिका में हिंदुस्तान का मान बढ़ाया है। उन्हें वहां लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (Lifetime Achievement Award) से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उनको यूएस के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दिया। लाल फिलहाल जनरल अटॉमिक्स के सीईओ हैं।
डॉ. लाल जिस कंपनी में काम करते हैं, वह न्यूक्लियर तकनीक के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर है और प्रीडेटर, रीपर और गार्जियन ड्रोन सरीखे यूएवी (Unmanned Aerial Vehicles) बनाए हैं।
लाल वहां काम करने से पहले NASA, Raytheon, Boeing और Lockheed Martin जैसी नामी कंपनियों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इतना ही नहीं, वह मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीईओ और रिलायंस न्यू वेंचर्स के प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं।
वह इसके अलावा पेंटागन में नॉर्थ एटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) साइंस और टेक्नोलॉजी (एसटीओ) में यूएस टेक्निकल टीम मेंबर के तौर पर भी सेवाएं देते हैं। लाल इसके अलावा यूएस कैबिनेट सेक्रेट्री के एडवाइजरी रोल में भी रह चुके हैं, जिसका नेतृत्व डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन करता आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले साल वॉशिंगटन दौरे के दौरान लाल भी उन भारतीय मूल के लोगों में से एक थे, जिनको उनसे मिलने के लिए बुलाया गया था।
पांच मार्च 1969 को इंडोनेशिया के जकार्ता में जन्मे लाल ने कनाडा की कार्लटन यूनिवर्सिटी से अपनी तकनीकी शिक्षा शुरू की थी। उन्होंने वहीं से अपनी मकैनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। उन्होंने कनाडा की National Aeronautical Establishment के लिए सिंगल इंजन ब्लेड्स पर प्रयोगवादी रिसर्च भी किया, जबकि फ्लोरिडा की एंब्रे-रिडल एयरोनॉटिकल यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।
वह कैंसास की विचिटा स्टेट यूनिवर्सिटी (Wichita State University) से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी होल्डर हैं। उन्होंने इसके बाद NASA Ames Research Center के साथ भी काम किया, जहां वहां रिसर्चवर्क प्रोजेक्ट का हिस्सा रहे। लाल के पिता भारतीय डिप्लोमैट रह चुके हैं।
