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अमेरिका से तनाव के बीच ईरान ने क्यों जताया भारत का शुक्रिया, क्या भड़केंगे ट्रंप? जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान की ओर एक जहाजों का बेड़ा बढ़ रहा है, जिसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो पूर्ण युद्ध छेड़ दिया जाएगा। इस बीच ईरान ने भारत का शुक्रिया जताया है।

Khemenei and Trump

अमेरिका-ईरान तनाव जारी

Photo : AP

Iran-US tensions: ईरान और अमेरिका ने एक बार फिर एक-दूसरे को चेतावनी दी है, जिससे व्यापक ईरानी विरोध प्रदर्शनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय तनाव फिर से भड़क उठा है। ये प्रदर्शन पिछले सप्ताह कुछ समय के लिए शांत हुए थे। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली धार्मिक सरकार द्वारा की गई कठोर कार्रवाई में हजारों प्रदर्शनकारियों की कथित तौर पर मौत हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान की ओर एक जहाजों का बेड़ा बढ़ रहा है, जिसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो पूर्ण युद्ध छेड़ दिया जाएगा।

ईरान ने जताया भारत का शुक्रिया

वहीं, भारत में ईरान के राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के उस सत्र में नई दिल्ली के रुख की सराहना की है, जहां उसने इस्लामिक गणराज्य की निगरानी बढ़ाने के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया था। राजदूत मोहम्मद फथली ने कहा, मैं UNHRC में इस्लामिक गणराज्य ईरान के सैद्धांतिक और दृढ़ समर्थन के लिए भारत सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिसमें एक अन्यायपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रस्ताव का विरोध करना भी शामिल है। यह रुख न्याय, बहुपक्षवाद और राष्ट्रीय संप्रभुता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति पर चर्चा करने के लिए आयोजित UNHRC के 39वें विशेष सत्र में भारत ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया और इसके बजाय उन देशों के समूह के साथ खड़ा रहा, जिन्होंने इसे एक चयनात्मक पहल बताते हुए इसका विरोध किया।

ट्रंप बोले, अमेरिकी युद्धपोत ईरान की ओर भेजे जा रहे

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी युद्धपोत ईरान की ओर भेजे जा रहे हैं। ट्रंप ने एयर फोर्स वन में कहा, हमारा एक विशाल बेड़ा उस दिशा में बढ़ रहा है, और हो सकता है कि हमें इसका इस्तेमाल न करना पड़े। एपी के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के एक अधिकारी ने संवेदनशील सैन्य गतिविधियों पर चर्चा करने के लिए नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, अन्य युद्धपोतों के साथ, गुरुवार तक हिंद महासागर में तैनात था।

जैसे कि ट्रिगर पर उंगली रखी हो...

जबकि ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शनिवार को कहा कि बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी युद्धपोतों के मध्य पूर्व की ओर बढ़ने के बावजूद वह हाई अलर्ट पर है। एपी द्वारा उद्धृत स्थानीय समाचार आउटलेट नूरन्यूज के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल को किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचने की चेतावनी दी। नूरन्यूज ने पाकपुर के हवाले से कहा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और प्रिय ईरान, कमांडर-इन-चीफ के आदेशों और निर्देशों का पालन करने के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार हैं, जैसे कि ट्रिगर पर उंगली रखी हो।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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