Trump on Nobel Prize: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में अपनी भूमिका को लेकर बड़े दावे किए हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भारत-पाकिस्तान सहित करीब आठ बड़े युद्धों को सुलझाया है, जो पिछले 30 वर्षों से जारी थे। उन्होंने विशेष रूप से कांगो और रवांडा के बीच 14 साल से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने का श्रेय लिया। पत्रकारों के बातचीत के दौरान ट्रंप ने इस तरह के दावे किए।
कहा, भारत-पाकिस्तान संभावित परमाणु युद्ध को रोका
इसके अलावा, ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच एक संभावित परमाणु युद्ध को रोका, जिससे करीब 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बची। बातचीत में ट्रंप ने कहा, इसके बारे में सोचें। भारत और पाकिस्तान, आप जानते हैं, क्योंकि आपने इसे कवर किया था। वह युद्ध भड़क रहा था। उन्हें शुरू किए अभी एक हफ्ता ही हुआ था। 11 विमान मार गिराए गए थे और वह युद्ध परमाणु होने जा रहा था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बचाई। खैर, क्या आप जानते हैं? यह उससे कहीं ज़्यादा हो सकता था।
नोबेल शांति पुरस्कार पर दावा
ट्रंप का मानना है कि वे नोबेल शांति पुरस्कार के सबसे बड़े हकदार हैं क्योंकि उन्होंने वास्तव में युद्धों को रुकवाया है। उन्होंने विपक्षी नेता मारिया कुराम मोंटल का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी माना था कि शांति के लिए ट्रंप को पुरस्कार मिलना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि वे अपने विशिष्ट व्यक्तित्व के कारण ही इन जटिल वैश्विक संकटों को सुलझाने में सफल रहे और इसीलिए वे नोबेल शांति पुरस्कार के किसी भी अन्य विजेता की तुलना में सबसे बड़े हकदार हैं।
वेनेजुएला की नेता मचाडो का किया जिक्र
नोबेल शांति पुरस्कार का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला की नेता मचाडो ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि विभिन्न संघर्षों को सुलझाने में भूमिका के कारण वह किसी भी अन्य व्यक्ति से अधिक इस पुरस्कार के हकदार हैं। ट्रंप ने कहा, 'मुझे यह पुरस्कार उन सभी लोगों से पहले मिलना चाहिए था, जिन्हें अब तक नोबेल शांति पुरस्कार मिला है, क्योंकि किसी ने इतने युद्ध नहीं रुकवाए। मैंने अपने व्यक्तित्व की बदौलत आठ युद्ध समाप्त कराए।'
