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Pakistan: जेल में बंद इमरान खान को एक और झटका, पार्टी के कई शीर्ष नेता संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार

Pakistan News: इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेता बैरिस्टर गौहर अली खान, शेर अफजल खान मारवात और एडवोकेट शोएब शाहीन को इस्लामाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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इमरान खान की पार्टी के कई नेता गिरफ्तार।

Photo : BCCL

Pakistan News: पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ा झटका लगा है। उनकी पार्टी के शीर्ष नेताओं को पुलिस ने नेशनल असेंबली के सत्र के बाद संसद भवन के बाहर से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। डॉन अखबार ने पुलिस प्रवक्ता जावेद ताकी के हवाले से बताया कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेता बैरिस्टर गौहर अली खान, शेर अफजल खान मारवात और एडवोकेट शोएब शाहीन को इस्लामाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

ऐसी जानकारी है कि सबसे पहले मारवात को हिरासत में लिया गया। मारावात की गिरफ्तारी के संदर्भ में पीटीआई पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, पीएमएलएन सरकार को नेशनल असेंबली के मौजूदा सदस्य के खिलाफ इस तरह के कदम पर पूरी तरह शर्म आनी चाहिए। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। पार्टी ने इस्लामाबाद पुलिस पर अवैध आदेशों का पालन करने का आरोप लगाया और इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक से इस कार्रवाई को रोकने का आह्वान किया।

डरी हुई है पाकिस्तान की सरकार

सूत्रों ने जियो न्यूज को बताया कि मारवात को एक नए कानून-शांतिपूर्ण सभा और सार्वजनिक व्यवस्था विधेयक, 2024 के तहत नियमों का उल्लंघन करने के लिए गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पीटीआई सांसद पर एक दिन पहले पुलिस कर्मियों के साथ झड़प का आरोप लगाया गया था। एक अन्य पोस्ट में पीटीआई पार्टी ने पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए इसकी निंदा की। मारवात ने एक्स पर पोस्ट एक बयान में कहा, सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह इमरान खान और उनके सिपाहियों से कितनी डरी हुई है।

अन्य नेताओं की भी गिरफ्तारी की आशंका

विपक्ष के नेता उमर अयूब खान ने गिरफ्तारियों की निंदा की और आरोप लगाया कि इस्लामाबाद पुलिस ने उन्हें, पीटीआई नेता जरताज गुल वजीर और अन्य सहकर्मियों को गिरफ्तार करने के लिए दल गठित किए हैं। उन्होंने बताया कि पीटीआई के अन्य सांसद संसद भवन के भीतर हैं और पुलिस की मौजूदगी के कारण बाहर नहीं निकल पाए हैं। बता दें, क्रिकेटर से नेता बने 71 वर्षीय इमरान खान कई कानूनी मुकदमों का सामना कर रहे हैं और वह भ्रष्टाचार के एक मामले में सजा सुनाए जाने के बाद करीब एक साल से जेल में हैं। सूत्रों ने बताया कि उमर और जरताज के साथ ही हम्माद अजहर, कंवल शौजाब, नईम हैदर पंजुथा, अमीर मुगल और खालिद खुर्शीद समेत पीटीआई के और नेताओं को भी गिरफ्तार किए जाने की आशंका है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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