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मौलाना ने इमरान खान को बताया पैगंबर, पाकिस्तान में भीड़ ने पीट-पीटकर कर दी हत्या

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 7, 2023, 08:58 AM IST

Pakistan News: घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कई लोग एक बुजुर्ग व्यक्ति को पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। बता दें, इससे पहले भी पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी।

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इमरान खान को पैगंबर बताने के बाद पाकिस्तान में मौलाना की हत्या

Photo : BCCL

Pakistan News: पाकिस्तान में एक बार फिर मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। यहां के खैबर पख्तूनख्वा में ईशनिंदा के आरोप में एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, मर्दन इलाके में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की एक रैली के दौरान ईशनिंदा का आरोप लगाने के बाद हिंसक भीड़ ने एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कई लोग एक शख्स को बुरी तरह पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। मृतक की पहचान मौलाना निगार आलम के रूप में हुई है। द फ्राइडे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की एक रैली के दौरान मौलाना निगार ने कहा कि वह इमरान खान का एक पैगंबर की तरह सम्मान करते हैं, क्योंकि वह एक ईमानदार व्यक्ति हैं।

बयान के बाद भड़की भीड़

मौलाना की ओर से दिए गए बयान के बाद भीड़ भड़क गई, इसके बाद लोगों ने व्यक्ति को घेर लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। यह सबकुछ जिस समय हुआ, पुलिस मौके पर ही मौजूद थी। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना से पहले, देवबंदी विचारधारा के कुछ मौलवियों ने मांग की थी कि पीड़ित के खिलाफ ईशनिंदा के आरोप में मामला दर्ज किया जाए।

कानून में बदलाव के खिलाफ कई राजनीतिक दल

पाकिस्तान की सरकार लंबे समय से देश के ईशनिंदा कानूनों को बदलने के लिए दबाव में रही है, हालांकि देश के अन्य राजनीतिक दल इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। इससे पहले फरवरी में, ननकाना साहिब में ईशनिंदा के आरोपी एक व्यक्ति को भीड़ ने जबरदस्ती थाने से बाहर ले जाकर मौत के घाट उतार दिया था।

इस घटना की रिपोर्ट वारबर्टन क्षेत्र में की गई थी, जहां आरोपी, एक मुस्लिम पुरुष को अपनी पूर्व पत्नी की तस्वीरों का उपयोग करने के लिए ईशनिंदा और जादू-टोना करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। उस व्यक्ति पर पवित्र कुरान के पन्नों को आग लगाने का भी आरोप लगाया गया था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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