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पुतिन ने IMEC को बताया रूस के लिए फायदेमंद, मोदी की ‘मेक इन इंडिया' पहल को भी सराहा

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Sep 13, 2023, 11:08 AM IST

पुतिन ने कहा कि आईएमईसी उनके देश को लॉजिस्टिक्स विकसित करने में मदद करेगा और कहा कि इस परियोजना पर कई वर्षों से चर्चा चल रही थी।

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पुतिन ने IMEC का किया समर्थन

Photo : PTI

Putin on IMEC: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) को रूस के लिए भी फायदेमंद बताया है। पुतिन ने कहा कि इसमें ऐसा कुछ भी नहीं दिखता जो रूस के खिलाफ हो और इस परियोजना से रूस को फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका एक नए आर्थिक गलियारे के निर्माण के साथ यूरोपीय संघ, सऊदी अरब और भारत के साथ सहमत हो गया है, लेकिन यह परियोजना रूस के लिए भी लाभकारी है।

पुतिन ने कहा कि आईएमईसी उनके देश को लॉजिस्टिक्स विकसित करने में मदद करेगा और कहा कि इस परियोजना पर कई वर्षों से चर्चा चल रही थी। पुतिन ने कहा, अमेरिकियों ने आखिरी मौके पर इसमें शामिल होने का फैसला किया है। लेकिन उसके लिए इस परियोजना में शामिल होने का कोई मतलब नहीं दिखता। शायद सिर्फ अपने व्यावसायिक हित के लिए अमेरिका ने ऐसा किया है। आईएमईसी की घोषणा शनिवार को नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर संयुक्त रूप से अमेरिका, भारत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी इटली और यूरोपीय संघ के देशों ने की थी।

मेक इन इंडिया’ पहल की सराहना

व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सराहना करते हुए कहा है कि घरेलू उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए हमारा देश भारत जैसे अपने भागीदारों की सफलता का अनुकरण कर सकता है। पुतिन ने मंगलवार को रूस के सुदूर-पूर्व क्षेत्र के एक प्रमुख बंदरगाह शहर व्लादिवोस्तोक में आठवें पूर्वी आर्थिक मंच के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।

रूस में बनी कारों पर एक सवाल के जवाब में पुतिन ने कहा, आप जानते हैं, हमारे पास उस समय घरेलू स्तर पर निर्मित कारें नहीं थीं, लेकिन अब हमारे पास हैं। यह सच है कि वे मर्सिडीज या ऑडी कारों की तुलना में मामूली दिखती हैं, जिन्हें हमने भारी राशि खर्च 1990 के दशक में खरीदा था। लेकिन मुद्दा यह नहीं है। मुझे लगता है कि हम अपने कई भागीदारों का अनुकरण कर सकते हैं। भारत इसका एक उदाहरण है।

2014 में हुई थी ‘मेक इन इंडिया’की शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी ने निवेश को सुविधाजनक बनाने, नवोन्मेषण को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ाने, बौद्धिक संपदा की सुरक्षा और सर्वश्रेष्ठ विनिर्माण बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की शुरुआत 2014 में की थी। मेक इन इंडिया पहल चार स्तंभों पर आधारित है, जिन्हें न केवल विनिर्माण बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मान्यता मिली है।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा, वे भारत में बने वाहनों के इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को बढ़ावा देने में सही काम कर रहे हैं। वह सही हैं। उन्होंने आगे कहा कि रूस में विनिर्मित वाहनों का उपयोग करना बिल्कुल सही होगा। पुतिन ने कहा, हमारे पास रूस में बने वाहन हैं, हमें उनका उपयोग करना चाहिए। यह बिल्कुल ठीक है। इससे हमारी विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की प्रतिबद्धताओं का कोई उल्लंघन नहीं होगा। यह सरकार की खरीद से संबंधित होगा। हमें इस संबंध में एक निश्चित श्रृंखला बनानी चाहिए। इससे यह तय होगा कि विभिन्न वर्गों के अधिकारी किन कारों को चला सकते हैं, ताकि वे देश में बनी कारों का इस्तेमाल कर सकें। (भाषा इनपुट)

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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