ठंडे इलाकों में शरीर को अंदर से गर्म रखने के लिए गर्म और ज्यादा कैलोरी वाला भोजन जरूरी है। साइबेरिया में लोग रेनडियर (हिरन) का मांस, फिश सूप और फैट-रिच आहार लेते हैं। अलास्का में इनुइट लोग मांस, मछली और पशु वसा का सेवन करते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। गर्म चाय, बोन सूप और स्ट्यू शरीर को लगातार गर्मी देते रहते हैं। इन क्षेत्रों में फल–सब्जियाँ कम मिलती हैं, लेकिन ऊर्जायुक्त भोजन शरीर को ठंड से बचाने में प्रभावी होता है।
सबसे ठंडे इलाकों में लोग एक मोटा जैकेट पहनकर नहीं चलते, बल्कि कई परतों वाले कपड़े पहनते हैं। थर्मल कपड़े जो शरीर का पसीना सोख लेते हैं। मिड लेयर ऊन या फ्लीस जो गर्मी को शरीर में रोककर रखता है और आउटर लेयर विंडप्रूफ और वॉटरप्रूफ जैकेट जो बर्फ़ और तेज़ हवाओं से सुरक्षा देता है। साइबेरिया और अंटार्कटिका में काम करने वाले वैज्ञानिक इस प्रणाली का सख्ती से पालन करते हैं।
माइनस 40°C और उससे कम तापमान पर खड़े रहना भी खतरनाक हो सकता है। इसलिए वहां के लोग लगातार हल्की–फुल्की गतिविधि करते रहते हैं—चलना, लकड़ी काटना, आग जलाना, सामान ले जाना—ताकि शरीर की गर्मी बनी रहे। वैज्ञानिक भी बाहर काम करते समय हर 15–20 मिनट में शरीर को गर्म रखने वाली एक्सरसाइज़ करते हैं।
साइबेरिया के याकूत लोग सदियों से हिरन, लोमड़ी या मिंक के फर से बने कपड़े पहनते आए हैं। फर शरीर की गर्मी को बाहर निकलने नहीं देता। इसी तरह ऊनी मोजे, टोपी, ग्लव्स और स्कार्फ अनिवार्य होते हैं। अलास्का के इनुइट समुदाय सील या कैरिबू की खाल का उपयोग करते हैं क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से अत्यधिक ठंडी हवाओं से बचाती है।
दुनिया की सबसे ठंडी जगहों में रहना आसान नहीं है, लेकिन वहां के लोगों ने प्रकृति के अनुरूप अपने जीवन को ढाल लिया है। उचित कपड़े, पौष्टिक भोजन, इन्सुलेटेड घर, आग, और शारीरिक गतिविधि—ये सभी मिलकर उन्हें उस ठंड में सुरक्षित रखते हैं, जहाँ कुछ मिनट खड़े रहना भी चुनौती हो सकता है।
साइबेरिया, अलास्का और कनाडा के ठंडे इलाकों में घरों में लकड़ी के स्टोव सबसे आम होते हैं। गाँवों में लोग बड़ी मात्रा में लकड़ी जमा करते हैं क्योंकि यह उनकी जीवन–रेखा होती है। अंटार्कटिका में आधुनिक इलेक्ट्रिक और फ्यूल–आधारित हीटिंग का प्रयोग होता है क्योंकि वहाँ पेड़ नहीं होते।
सबसे ठंडे इलाकों में घर ऐसे बनाए जाते हैं कि अंदर की गर्मी बाहर न निकल सके। साइबेरिया के घर मोटी लकड़ी से बनते हैं जो प्राकृतिक इन्सुलेशन प्रदान करती है। इनुइट लोगों के पारंपरिक इग्लू बर्फ़ से बने होते हैं, लेकिन बर्फ़ की परतें अंदर गर्मी को फँसाए रखती हैं। आधुनिक अंटार्कटिक रिसर्च स्टेशनों में डबल–लेयर दीवारें, हीटिंग सिस्टम और विशेष इन्सुलेशन तकनीकें होती हैं।