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बांग्लादेश में इंसानियत तार-तार: अब हिंदू विधवा के साथ गैंगरेप; पेड़ से बांधकर बाल काटे, बनाया वीडियो

बांग्लादेश के झेनेदाह जिले में एक 40 वर्षीय हिंदू विधवा के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म करने और फिर पेड़ से बांधकर यातना और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाने की घटना सामने आई है। यह घटना तब हुई है जब बांग्लादेश में पहले ही हिंदू अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं।

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बांग्लादेश में अब हिंदू विधवा के साथ गैंगरेप (AI Generated Image)

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का दौर खत्म नहीं हो रहा है। 15 दिनों चार हिंदुओं की हत्या के बाद अब झेनेदाह जिले के कलिगंज उपजिले में एक 40 साल की हिंदू विधवा के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है। यहां एक हिंदू विधवा के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसके बाद उसे पेड़ से बांध कर हैवानों ने उसके बाल काट दिए और इसका वीडियो बनाया गया। इस घटना ने देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।

40 वर्षीय महिला ने पुलिस को बताया कि झेनैदाह जिले के कलिगंज उप-जिले में दो पुरुषों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अपनी शिकायत में उसने बताया कि उसने लगभग ढाई साल पहले शाहीन और उसके भाई से एक घर और जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा खरीदा था। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, उसने आरोप लगाया कि शाहीन बिक्री के बाद से ही उसे अश्लील प्रस्तावों के साथ परेशान कर रहा था।

शनिवार को वारदात को दिया था अंजाम

पुलिस ने बताया कि यह घटना शनिवार शाम को तब घटी जब उसके दो रिश्तेदार उसके घर आए हुए थे। महिला ने आरोप लगाया कि शाहिन और हसन नाम के एक अन्य व्यक्ति ने जबरदस्ती घर में घुसकर उसके साथ बलात्कार किया। उसने बताया कि इसके बाद उन दोनों ने उससे 50,000 टका की मांग की। जब महिला ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसके रिश्तेदारों के साथ मारपीट की और उन्हें भगा दिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब वह मदद के लिए चीखने लगी तो दोनों आरोपियों ने उसे पेड़ से बांध दिया, उसके बाल काट दिए, पूरी घटना का वीडियो बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। महिला का कहना है कि उसके साथ इस कदर वीभत्सता की गई कि वह बेहोश हो गई थी।

स्थानीय लोगों ने महिला को बचाया और झेनेदाह सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एमडी मुस्ताफिजुर रहमान ने बताया कि शुरुआत में पीड़िता ने घटना के बारे में कुछ नहीं बताया, लेकिन बाद में मेडिकल जांच में उसके साथ दुर्व्यवहार की पुष्टि हुई। इसके बाद पीड़िता ने कलिगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें शाहीन और हसन को आरोपी बनाया गया है।

झेनेदाह के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलाल हुसैन ने कहा कि महिला का बयान दर्ज कर लिया गया है और जांच के बाद कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खोकन चंद्र दास पर पेट्रोल डालकर लगा दी गई थी आग

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 1 जनवरी को शरियतपुर जिले में एक हिंदू कारोबारी खोकन चंद्र दास पर दुकान से घर लौटते समय हमला किया गया, उसे धारदार हथियार से काटा गया और आग लगा दी गई। हालांकि वह सड़क किनारे एक तालाब में कूदकर जान बचाने में सफल रहा और बाद में उसे इलाज के लिए ढाका भेजा गया।

दीपू चंद्र दास-अमृत मंडल की भी हत्या

हाल के हफ्तों में मयमनसिंह और राजबाड़ी जिलों में कथित ईशनिंदा और वसूली के आरोपों में दो अन्य हिंदू पुरुषों को भी भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाला गया। 18 दिसंबर को मयमनसिंह शहर में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास को कथित ईशनिंदा के आरोप में लिंच कर उसकी लाश जला दी गई थी। इसके एक हफ्ते बाद, 24 दिसंबर को राजबाड़ी के पांगशा उपजिले में अमृत मंडल नामक एक हिंदू युवक को कथित वसूली के आरोप में भीड़ ने मार डाला।

भारत ने जताई है चिंता

भारत ने बांग्लादेश में मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ “लगातार शत्रुता” पर चिंता जताई है और कहा है कि वह पड़ोसी देश की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। बांग्लादेश की 2022 की जनगणना के अनुसार, देश में हिंदुओं की आबादी लगभग 7.95 प्रतिशत है, यानी करीब 1.31 करोड़ लोग।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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