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'सिर में 3 गोलियां मारी, फिर गला रेत दिया'; बांग्लादेश में हिंदू पत्रकार की निर्मम हत्या; अब तक 5 को उतारा मौत के घाट

बांग्लादेश के जेस्सोर जिले में सोमवार को अज्ञात हमलावरों ने एक हिंदू व्यापारी राणा बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी। वे एक समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक भी थे।

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या।

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या।

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा हर बीतते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। एक बार फिर सोमवार को यहां के जेस्सोर जिले में एक हिंदू व्यापारी और पत्रकार की बेहद बर्बरता से हत्या कर दी गई। बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने पहले कारोबारी के सिर में तीन बार गोली मारी। इतना ही नहीं उसके बाद उनका गला रेत दिया।

पत्रकार भी थे राणा प्रताप बैरागी

बांग्ला भाषा के दैनिक समाचार पत्र ‘प्रथम आलो’ के अनुसार, मृतक की पहचान खुलना मंडल के जेस्सोर जिले के केशबपुर उपजिला स्थित अरुआ गांव निवासी 38 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी के रूप में हुई है। बैरागी की मोनिरामपुर के कोपलिया बाजार में बर्फ बनाने की फैक्टरी थी। इसके अलावा वह नरैल से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र ‘दैनिक बीडी खबर’ के कार्यवाहक संपादक भी थे।

‘बीडीन्यूज24’ समाचार पोर्टल के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अबुल बासर ने बताया कि यह घटना सोमवार शाम लगभग 5:45 बजे कपालिया बाजार में हुई। स्थानीय लोगों और पुलिस का हवाला देते हुए ‘प्रथम आलो’ ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने उन्हें बर्फ फैक्टरी से बाहर बुलाया और कपालिया बाजार के पश्चिमी हिस्से में स्थित कपालिया क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर के सामने वाली गली में ले गए। इसके बाद बदमाशों ने उनके सिर में करीब से गोली मारी और फरार हो गए। अखबार के अनुसार, उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

तीन गोलियां मारी फिर गला रेत दिया

अखबार ने मोनिरामपुर पुलिस थाने के प्रभारी मोहम्मद राजिउल्लाह खान के हवाले से बताया कि बैरागी को पहले सिर में तीन गोलियां मारी गईं और फिर उनका गला रेत दिया गया। खान ने यह भी कहा कि उनकी हत्या का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। हत्या किसने की या किस कारण से हुई, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने बताया कि मृतक के खिलाफ दो पुलिस थानों में चार मामले दर्ज हैं। हालांकि, इन मामलों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

हिंदुओं पर लगातार हो रहे हमले

यह गोलीबारी हिंदू समुदाय के सदस्यों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं की कड़ी में एक और घटना है। इसके पहले तीन जनवरी को खोकन चंद्र दास (50) की चाकू से वार करने के बाद जलाकर हत्या कर दी गई थी। इस तरह 24 दिसंबर को राजबारी कस्बे के पांगशा उपज़िला में एक अन्य हिंदू व्यक्ति अमृत मंडल की कथित जबरन वसूली के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

दीपू चंद्र दास की हत्या से हुई शुरुआत

उससे पहले, मयमनसिंह शहर में 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास (25) की कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और उनके शव को आग लगा दी। इतना ही नहीं, चटगांव के बाहरी इलाके रावजान क्षेत्र में 23 दिसंबर को अज्ञात लोगों ने कतर में काम करने वाले प्रवासी कामगारों सुख शिल और अनिल शिल के घर में आग लगा दी, लेकिन वे बाल-बाल बच गए।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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