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बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या; अब ऑटो ड्राइवर को पीट-पीट कर मार डाला; अब तक सात को उतारा मौत के घाट

उस्मान हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में हिंसा हर बीतते दिन के साथ बढ़ती ही जा रही है। आए दिन कोई न कोई हिंदू कट्टरपंथियों का निशाना बन रहा है। एक बार फिर सोमवार को पड़ोसी मुल्क में बड़ी बेरहमी से एक हिंदू की हत्या कर दी गई।

बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक समीर की हत्या। (फोटो- शोसल मीडिया/AI)

बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक समीर की हत्या। (फोटो- शोसल मीडिया/AI)

अगस्त 2024 में शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद से बांग्लादेश के हालात ठीक नहीं हैं। वहीं, बीते साल के आखिरी महीने में उस्मान हादी की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा लगातार जारी है। जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन,हिंसा और कानून-व्यवस्था की कमजोरी देखने को मिल रही है। इसी क्रम में वहां आज एक और हिंदू ऑटो ड्राइवर को पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया गया।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हिंदू ऑटो चालक समीर दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। ऑटो चालक पर यह क्रूर हमला रविवार रात चटगांव के डागनभुइयां में हुआ। यह देश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की श्रृंखला में नवीनतम घटना है। वह 28 वर्ष का था। डागनभुइयाना के एक पुलिस अधिकारी ने इस हत्या के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि हमलावरों ने ऑटो-रिक्शा चालक को पहले को बुरी तरह से जमकर पीटा इसके बाद उसे चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया।इतना ही नहीं हत्या के बाद अपराधी चालक का बैटरी से चलने वाला ऑटो-रिक्शा चुराकर मौके से फरार हो गए। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह एक सुनियोजित हत्या प्रतीत होती है। पीड़ित परिवार प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराएगा। पुलिस ने दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू कर दिया है।

बता दें कि इससे पहले बांग्लादेश में छह हिंदुओं को मौत के घाट उतारा जा चुका है। इसके अलावा, कई अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले, आगजनी जैसे हमले जारी हैं। बीते शनिवार को बांग्लादेश में 40 साल की एक हिंदू विधवा के साथ कट्टरपंथियों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इतना ही नहीं दुष्कर्म के बाद पेड़ से बांधकर उसके बाल काट दिए गए। और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर वायरल किया गया।

हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में हिंसा

शेख हसीना को पद से अपदस्थ करने के बाद और मोहम्मद युनूस की अंतरिम सरकार बनने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक खास तौर पर हिंदू सुरक्षित नहीं हैं। उनके खिलाफ हिंसा और हत्याओं को लेकर कई विरोधाभासी रिपोर्ट्स और चिंताएं सामने आई हैं। हद तो तब हो गई जब 12 दिसंबर को उस्मान हादी पर हमला हुआ और 18 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। इसके बाद वहां व्यापक पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। तब से अब तक बर्बर तरीके से सात हिंदुओं की हत्या कर दी गई है। इतना ही नहीं अन्य हिंदुओ के खिलाफ भी हिंसक हमले लगातार जारी हैं।

दीपू चंद्र दास की बर्बरता से हत्या

18 दिसंबर को हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा में उसी दिन रात को एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बेहद बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई थी। मैमनसिंह जिले के भालुका में 27-साल के दीपू चंद्र दास पर ईश निंदा के आरोप लगाकर पहले भीड़ ने उसे पीट-पीट अधमरा कर दिया फिर पेड़ से बांधकर आग लगा दी थी। इस वीभत्स हत्या का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। बाद में बांग्लादेशी अधिकारियों ने यह भी कहा कि ईशनिंदा के आरोप झूठे थे।

अमृत मंडल को पीट-पीट कर मार डाला

दीपू चंद्र दास की हत्या के एक सप्ताह बाद 24 दिसंबर की रात को राजबाड़ी जिले के पांगशा में एक और हिंदू अमृत मंडल की भी हत्या कर दी गई थी। उस पर जबरन वसूली करने का आरोप लगाकर भीड़ ने पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने अमृत मंडल को गंभीर अवस्था में पंगसा उपज़िला स्वास्थ्य परिसर ले गए थे,जहां डॉक्टरों ने उसे रात करीब 2 बजे मृत घोषित कर दिया।

बृजेंद्र बिस्वास साथी ने ही मार दी गोली

फिर 30 दिसंबर को एक बार फिर एक हिंदू की हत्या कर दी गई। यह हत्या भी उसी जगह हुई जहां दीपू चंद्र दास को निशाना बनाया गया था। मैमनसिंह के भालुका उपजिला में एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी की जिम्मेदारी संभाल रहे हिंदू वर्कर बृजेंद्र बिस्वास को उसी के मुस्लिम साथी नौमान मियां ने गोली मार दी थी। इस महीने किसी हिंदू की हत्या की यह तीसरी घटना थी। इस घटना ने साफ कर दिया था कि बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं।

हिंदू बिजनेसमैन खोकन चंद्र दास की हत्या

वहीं, नए साल की पूर्व संध्या पर एक बार फिर बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की भीड़ की बर्बरता देखने को मिली। यहां हिंदू बिजनेसमैन खोकन चंद्र दास पर 31 दिसंबर को शरियतपुर जिले के दामुड्या के कोनेश्वर यूनियन में केउरभंगा बाजार के पास हमला हुआ था। स्थानीय अखबार प्रोथोम आलो के अनुसार,रात करीब 9:30 बजे जब वह अपनी फार्मेसी की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे तभी बदमाशों के एक ग्रुप ने दास को रोका। इसके बाद हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया। इतना ही नहीं उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। खुद को बचाने की कोशिश में,दास सड़क के किनारे पास के एक तालाब में कूद गए। उनकी चीखें सुनकर, स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे,जिससे हमलावर भाग गए। जिसके बाद इलाज के दौरान आज शनिवार को ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

राणा बैरागी को पहले मारी 3 गोलियां फिर रेत दिया गला

वहीं, नए साल के पांचवें दिन यानी सोमवार को फिर एक हिंदू की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यहां के खुलना मंडल के जेस्सोर जिले के केशबपुर उपजिला स्थित अरुआ गांव निवासी 38 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी को कट्टरपंथियों ने बेहद बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। बैरागी की मोनिरामपुर के कोपलिया बाजार में बर्फ बनाने की फैक्टरी थी। इसके अलावा वह नरैल से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र ‘दैनिक बीडी खबर’ के कार्यवाहक संपादक भी थे।बांग्लादेश के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अबुल बासर ने बताया कि यह घटना सोमवार शाम लगभग 5:45 बजे कपालिया बाजार में हुई। जहां बैरागी को मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने पहले बर्फ फैक्टरी से बाहर बुलाया और कपालिया बाजार के कपालिया क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर के सामने वाली गली में ले गए। अखबार ने मोनिरामपुर पुलिस थाने के प्रभारी मोहम्मद राजिउल्लाह खान के हवाले से बताया कि बैरागी को पहले सिर में तीन गोलियां मारी गईं और फिर उनका गला रेत दिया गया। खान ने यह भी कहा कि उनकी हत्या का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। हत्या किसने की या किस कारण से हुई, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

मणि चक्रवर्ती को धारदार हथियारों से काट डाला

वहीं, बांग्लादेश के नरसिंगडी जिले में बीते दिन ही बीच बाजार में एक हिंदू किराना व्यापारी को कट्टरपंथियों ने धारदार हथियारों से काट डाला। मृतक की पहचान मणि चक्रवर्ती के रूप में हुई है, जो एक किराना व्यापारी था। ढाका के बाहरी इलाके में नरसिंगदी जिले के पलाश उपज़िला के चारसिंदूर बाज़ार में हत्या कर दी गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चक्रवर्ती पर व्यस्त बाजार में अपनी दुकान चलाते समय कुछ अज्ञात हमलावरों ने तेज धारदार हखियारों से हमला किया। उन्हें गंभीर चोटें आईं और स्थानीय लोग उन्हें पास के अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में या अस्पताल में भर्ती होने के कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।

दुनिया भर में हो रही निंदा

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हो रही इन हिंसक घटनाओं की पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। भारत सहित कई देशों में इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। भारत ने भी बयान जारी कर वहां की युनुस सरकार से हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाने को कहा है। साथ ही इन घटनाओं के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। बांग्लादेश की 2022 की जनगणना के अनुसार, देश में हिंदुओं की आबादी लगभग 7.95 प्रतिशत है, यानी करीब 1.31 करोड़ लोग।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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