दुबई से तेल अवीव (इजराइल) जा रही फ्लाईदुबाई की फ्लाइट FZ1073 को क्रैश करने की नाकाम कोशिश मामले में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस विमान के 38 वर्षीय भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार (Smit Machchhar) की खोपड़ी में फ्रैक्चर आ गया था और उनके हाथों में भी गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 170 से अधिक यात्रियों की जान बचा ली।
कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हुआ था जानलेवा हमला
रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर को उड़ान के दौरान कॉकपिट में मौजूद ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी (Hamam al-Hammami) ने पीछे से कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में रखी इमरजेंसी 'क्रैश एक्स' से हमला कर दिया। इस हमले में कैप्टन स्मित के सिर पर गहरा वार हुआ, जिससे उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर आ गया और उनके हाथों पर भी चोटें आईं।
विमान को क्रैश करने की साजिश
हम्मामी ने कैप्टन स्मित को लहूलुहान कर विमान का नियंत्रण छीनने और उसे इजराइल के सीमावर्ती क्षेत्र में क्रैश करने की कोशिश की। हमले के तुरंत बाद विमान का ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया और विमान तेजी से 14,000 फीट नीचे की ओर गिर गया। कैप्टन स्मित मच्छार ने सिर से खून बहने और गंभीर दर्द के बावजूद खुद को संभाला और को-पायलट से भिड़ते हुए कॉकपिट का दरवाजा अंदर से अनलॉक कर दिया।
यात्रियों और क्रू ने पाया काबू
कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही फ्लाइट में मौजूद इजराइली यात्री और क्रू मेंबर्स अंदर घुसे और हमलावर हम्मामी को दबोच लिया। फ्लाइट में सफर कर रहे दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबुक (Tabuk) एयरपोर्ट की ओर मोड़कर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई। घटना के बाद घायल कैप्टन स्मित को सऊदी अरब के तबुक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी खोपड़ी की सर्जरी हुई। बाद में उन्हें यूएई (Abu Dhabi) के मिलिट्री अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया।
पीएम मोदी ने की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित के पिता उपेंद्र मच्छार को फोन कर हाल-चाल जाना और उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ की। इसके अलावा इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित को सच्चा हीरो बताया। मूल रूप से गुजरात के रहने वाले और स्पाइसजेट के पूर्व पायलट स्मित मच्छार को उनकी अदम्य बहादुरी के लिए सम्मान देने की घोषणा भी की गई है।
