ट्रंप प्रशासन को हॉवर्ड यूनिवर्सिटी ने भेजा कानूनी नोटिस।
Harvard University Funding : फंडिंग रोके जाने की बार-बार धमकी मिलने पर दुनिया के प्रतिष्ठित हॉवर्ड यूनिवर्सिटी ने ट्रंप प्रशासन को कानूनी नोटिस जारी किया है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक विश्वविद्यालय का कहना है कि हाल के दिनों में ट्रंप प्रशासन ने 2.2 अरब डॉलर से ज्यादा की फंडिंग रोकने की लगातार धमकी दी है। इसके बाद उसने ट्रंप प्रशासन की इस मंशा को अदालत में चुनौती देने के लिए नोटिस भेजा है।
यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष एलन एम गार्बर का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन विश्वविद्यालय पर अनुचित नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने यदि फंडिंग रोकी तो इसके 'गंभीर और दूरगामी दुष्परिणाम होंगे।' गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने अक्टूबर 2023 के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हुए यहूदी विरोध एवं मुस्लिम विरोधी पक्षपात पर रिपोर्ट मांगी है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय ने अपने कैंपस में यहूदी विरोध जारी रखने की अनुमति दी है।
न्यूयॉर्ट टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक गार्बर ने अपने बयान में कहा कि 'कैंपस में यदि यहूदी विरोध बढ़ रहा है तो इसके पीछे वाजिब चिंताएं हैं, एक यहूदी और एक अमेरिकी नागरिक होते हुए मुझे यह बात अच्छी तरह से पता है।' उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार को किसी तरह की परेशानी है तो वह विश्वविद्यालय के साथ कानूनी रूप से बात करे न कि यह देखे कि हम किसे नौकरी पर रखते हैं और क्या पढ़ाते हैं।
यह भी पढ़ें- अमेरिका के बाद चीन की दुनिया को धमकी, 'हमारा नुकसान कर US से की डील तो भुगतने होंगे नतीजे'
यूनिवर्सिटी की ओर से यह कानूनी वाद मेसाचुसेट्स के फेडरल कोर्ट में दायर किया गया है। इसमें यूनिर्वसिटी के निर्णय प्रक्रिया पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार पर हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया गया है। हॉवर्ड ने दूसरे विश्वविद्यालयों की फंडिंग पर अचानक रोक लगाने की रिपोर्टों का भी हवाला दिया है। वहीं, ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह 2.2 अरब डॉलर से ज्यादा की यूनिवर्सिटी की फंडिंग रोक देगा। ट्रंप प्रशासन चाहता है कि विश्वविद्यालय अपने यहां समावेशी कार्यक्रमों, प्रदर्शनों में मास्क के इस्तेमाल पर रोक लगाने के साथ-साथ मेरिट आधारित नियुक्ति और दाखिले में सुधार को आगे बढ़ाए।