Israel Hamas Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड्र ट्रंप को दोहरा झटका लगा है। खुद को नोबेल शांति पुरस्कार को सबसे बड़ा हकदार बताने वाले ट्रंप को यह अवार्ड तो मिला नहीं ऊपर से हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति के शांति समझौते से भी दूरियां बना ली हैं और उस पर दस्तखत नहीं कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
फिलिस्तीन संगठन हमास मिस्र में प्रस्तावित गाजा शांति समझौते पर आधिकारित हस्ताक्षर कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ट्रंप की प्रस्तावित शांति योजना के कुछ हिस्सों पर उनके मतभेद हैं और उन्होंने उस पर आपत्ति जताई है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, हमास नेताओं ने ट्रंप के शांति प्रस्ताव को बेतुका और बकवास बताया है, जिसमें कहा गया था कि हमास के सदस्य गाज़ा पट्टी छोड़ दें।
राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य होसम बदरान ने कहा, "फिलिस्तीनियों को उनकी जमीन से निष्कासित करने की बात बेतुकी और बकवास है।'' उन्होंने यह भी कहा कि वार्ता का अगला चरण कठिनाइयों से भरा होगा, क्योंकि इसमें कई जटिलताएं और कठिनाइयां हैं।
इससे पहले दिन में अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने एक अन्य हमास नेता के हवाले से कहा था कि गाजा के लिए ट्रंप की योजना के हिस्से के रूप में समूह के हथियार डालने वाला मामला भी सवालिया घेरे में है। अधिकारी ने कहा था कि प्रस्तावित हथियार डालने का सवाल ही नहीं उठता और इस पर बातचीत भी नहीं हो सकती है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि हमास द्वारा हथियार सौंपे जाने के मामले को लेकर शांति समझौते के दूसरे चरण में विचार किया जाएगा।
