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समझौते के बेहद करीब पहुंचे इजराइल और हमास, दर्जनों बंधकों की रिहाई की बढ़ी आस

वार्ता में शामिल दो अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि हमास ने गाजा पट्टी में संघर्षविराम और दर्जनों बंधकों की रिहाई के लिए एक मसौदा समझौते को स्वीकार कर लिया है।

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हमास का हमला

Photo : AP

Israel-Hamas War: इजराइल और हमास गाजा में संघर्षविराम और दर्जनों बंधकों की रिहायी पर सहमति के सबसे नजदीक पहुंच गए हैं। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने मंगलवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि जारी वार्ता सकारात्मक और उपयोगी है, हालांकि उन्होंने संवेदनशील वार्ता के विवरण देने से इनकार कर दिया। कतर हमास के साथ एक साल से अधिक समय से जारी अप्रत्यक्ष वार्ता में एक प्रमुख मध्यस्थ रहा है और वर्तमान में वार्ता की मेजबानी कर रहा है।

गाजा पट्टी में संघर्षविराम और दर्जनों बंधकों की रिहाई का समझौता

वार्ता में शामिल दो अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि हमास ने गाजा पट्टी में संघर्षविराम और दर्जनों बंधकों की रिहाई के लिए एक मसौदा समझौते को स्वीकार कर लिया है। एक इजराइली अधिकारी ने कहा कि प्रगति हुई है, लेकिन विवरण को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एसोसिएटेड प्रेस ने प्रस्तावित समझौते की एक प्रति प्राप्त की, और मिस्र के एक अधिकारी और एक हमास अधिकारी ने इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की। अंतिम स्वीकृति के लिए योजना को इजराइली कैबिनेट को प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।

बंद कमरे में हुई बातचीत

तीनों अधिकारियों ने बंद कमरे में हुई बातचीत को लेकर जानकारी नाम गुप्त रखने की शर्त पर दी। अमेरिका, मिस्र और कतर ने पिछले साल 15 महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने और हमास के 7 अक्टूबर, 2023 के हमले में बंधक बनाये गए दर्जनों लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए मध्यस्थता करने की कोशिश की है। गाजा के अंदर अभी भी करीब 100 इजराइली बंदी हैं और सेना का मानना है कि उनमें से कम से कम एक तिहाई की मौत हो चुकी है।

ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले लग सकती है मुहर

अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि वे 20 जनवरी को अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले एक समझौते पर पहुंच सकते हैं, जिनके मध्यपूर्व दूत वार्ता में शामिल हुए हैं। आक्रमण ने क्षेत्र के बड़े क्षेत्रों को मलबे में तब्दील कर दिया है और गाजा की 23 लाख की आबादी में से लगभग 90 प्रतिशत को विस्थापित कर दिया है, जबकि सैकड़ों हज़ारों लोगों को तट के किनारे तम्बू शिविरों में रखा गया है, जहां व्यापक भुखमरी है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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