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चीन में दर्दनाक हादसा: भरभराकर गिरी जिम की छत, कम से कम 9 की मौत, 2 फंसे

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 24, 2023, 07:43 AM IST

China Gym Roof Collapse: सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की ओर से बताया गया कि हेइलोंगजियांग प्रांत के क्यूकीहार में नंबर 34 मिडिल स्कूल के जिम में रविवार दोपहर करीब तीन बजे यह हादसा हुआ, जब जिम की छत ढह गई।

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चीन में दर्दनाक हादसा

Photo : iStock

China Gym Roof Collapse: चीन से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां स्कूल में जिम की छत गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई और दो लोग इसी में फंस गए। यह हादसा उत्तरपूर्वी चीन के एक स्कूल में हुआ।

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की ओर से बताया गया कि हेइलोंगजियांग प्रांत के क्यूकीहार में नंबर 34 मिडिल स्कूल के जिम में रविवार दोपहर करीब तीन बजे यह हादसा हुआ, जब जिम की छत ढह गई। समाचार एजेंसी की ओर से बताया गया कि सोमवार सुबह 3 बजे तक 13 लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है।

तीन की मौके पर हुई मौत

जानकारी के मुताबिक, चीन में हुए इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया, मलबे से निकाले गए तीन लोग मृत पाए गए, जबकि 6 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटनाका एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे पूरी की पूरी छत जिम के ऊपर गिर गई और कई लोग उसमें दब गए।

अभी चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

चीन में जिम की छत ढह जाने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन अब तक जारी है। जानकारी के मुताबिक, मौके पर करीब 160 फायर फाइटर्स और 39 फायर ट्रक मौजूद हैं, जो मलबे को हटाने का काम कर रहे हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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