Pakistan in Global Terrorism Index: भले ही दुनिया भर में मौतें और आतंकी घटनाएं कम हुईं, लेकिन पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़ी मौतों में 6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऐसे में पाक ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पहले स्थान पर पहुंच गया। 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़ी मौतों का आंकड़ा पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इसके पीछे तहरीक-ए-तालिबान (TTP) और बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) हैं, जिसने सरकार के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए थे।
GTI रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित बलूचिस्तान और उत्तर-पश्चिम में स्थित खैबर पख्तूनख्वा, देश के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र बने रहे। 2025 में पाकिस्तान में हुए कुल आतंकी हमलों में से 74 प्रतिशत से ज्यादा और कुल मौतों में से 67 प्रतिशत इन्हीं क्षेत्रों में हुईं।
दुनिया के तीन सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन
दुनिया में जो सबसे घातक आतंकवादी समूह बताए गए हैं, वो इस्लामिक स्टेट और जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन (JNIM) हैं। ये दोनों समूह मुख्य रूप से पश्चिम एशिया और अफ्रीका में सक्रिय हैं। वहीं, GTI की रिपोर्ट में TTP को 2025 में इस्लामिक स्टेट और JNIM के बाद दुनिया का तीसरा सबसे घातक आतंकवादी समूह बताया गया है।
लिस्ट जो सामने आई है, उसमें पाकिस्तान टॉप पर है, जो आतंकवादी हमलों से सबसे ज्यादा पीड़ित बताया गया। उसके बाद पश्चिमी अफ्रीकाई देश बुर्किना फासो इस लिस्ट में नंबर दो पर है। पहले बुर्किना फासो इस लिस्ट में टॉप पर था, जो सबसे ज्यादा आतंकवादियों घटनाओं से पीड़ित था। बता दें कि पिछले 12 संस्करणों में से हर बार पाकिस्तान शीर्ष दस देशों में शामिल रहा है।
पाकिस्तान में कितने आतंकवादी हमले हुए?
GTI की लिस्ट के मुताबिक, पहले पाकिस्तान, फिर बुर्किना फासो और इसके बाद तीसरे नंबर पश्चिमी अफ्रीकाई देश नाइजर का नाम है। ये लिस्ट उन देशों की है, जिसमें शामिल देशों पर सबसे ज्यादा आतंकवादी हमले होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में 2025 में 1045 आतंकवादी घटनाएं हुईं, जिनमें 1139 लोगों की मौत हुई और 1,595 लोग घायल हुए हैं। यह आंकड़ा, पाकिस्तान के लिए पिछले दशक में सबसे बुरा रहा, जहां इतने आतंकवादी घटनाएं देखी गईं।
भारत कहां?
वहीं, 6.428 के GTI स्कोर के साथ वैश्विक स्तर पर भारत 13वें स्थान पर मौजूद है। दक्षिण एशिया में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बाद भारत का नंबर है, जहां सबसे अधिक आतंकवादी घटनाएं नोट होती हैं। हालांकि, पिछले समय में भारत ने इसमें काफी सुधार किया है। 2024 की तुलना में आतंकवादी हमलों की संख्या में 43% की गिरावट आई है। बता दें कि GTI को ऑस्ट्रेलिया स्थित इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) प्रकाशित करता है।
दुनिया को राहत मिली, पर पाकिस्तान लहूलुहान
2025 में, दुनिया भर में आतंकवाद से जुड़ी मौतों में 28 प्रतिशत की गिरावट आई, लेकिन पाकिस्तान में इनमें 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दुनिया के चार सबसे खतरनाक गुटों में से तीन इस्लामिक स्टेट, JNIM और अल-शबाब से जुड़ी मौतों में कमी आई, लेकिन TTP द्वारा की गई हत्याओं में 14.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इस गुट ने पूरे पाकिस्तान में आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों पर भी हमले किए।
वैश्विक आतंकवाद के रुझानों में पाकिस्तान भी एक अपवाद है। अफ्रीका के बाहर यह एकमात्र ऐसा देश है, जहां आतंकवाद से जुड़ी मौतों में उसी स्तर की बढ़ोतरी देखी गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले एक दशक में आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र से हटकर उप-सहारा अफ्रीका, विशेष रूप से साहेल क्षेत्र में चला गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित छह देश इसी क्षेत्र में स्थित हैं। पाकिस्तान एकमात्र ऐसा अपवाद है जो अपेक्षाकृत स्थिर दक्षिण एशिया में स्थित है, जहां इसके पड़ोसी देशों में आतंकवाद से जुड़ी मौतों में लगातार गिरावट आई है।
पाकिस्तान में TTP लगातार पांचवें साल भी सबसे घातक समूह बना हुआ है। यह वही समूह है जिसे पाकिस्तान ने अफगान तालिबान की तरह ही खड़ा करने में मदद की थी, और अब जिसके साथ वह 'खुले युद्ध' की स्थिति में है। TTP के हमलों में हुई बढ़ोतरी का सीधा संबंध अफगान तालिबान के साथ पाकिस्तान के बिगड़ते रिश्तों से है। रिपोर्ट के अनुसार, TTP ने पाकिस्तान के भीतर हमले करने के लिए ड्रोन जैसी नई तकनीकों के इस्तेमाल का विस्तार किया है।
