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महाराष्ट्र में GBS वायरस का कहर, 12 लोगों की मौत; पुणे में सबसे ज्यादा प्रभाव

महाराष्ट्र में जीबीएस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अबतक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, साथ ही कई लोग अस्पताल में भी भर्ती हैं।

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महाराष्ट्र में जीबीएस से 12 की मौत (फाइल फोटो)

Photo : PTI

महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बताया कि महाराष्ट्र में जीबीएस के कारण अब तक कुल 12 मौतें हुई हैं। इनमें से छह की पुष्टि जीबीएस के रूप में हुई है और छह की मौत संदिग्ध जीबीएस के रूप में हुई है। विभाग की ओर से जारी रिलीज के अनुसार, 197 रोगियों में जीबीएस का निदान किया गया है और 28 मामले संदिग्ध जीबीएस के हैं।

पुणे में सबसे ज्यादा मरीज

इनमें से 46 मरीज पुणे नगर निगम (पीएमसी) से, 95 पीएमसी क्षेत्र में नए जोड़े गए गांवों से, 33 पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम से, 37 पुणे ग्रामीण से और 14 अन्य जिलों से हैं। इन रोगियों में से 179 को अब तक छुट्टी दे दी गई है, 24 आईसीयू में और 15 वेंटिलेटर पर हैं।

जीबीएस के लक्षण

जीबीएस के सामान्य लक्षणों में हाथ या पैर में अचानक कमजोरी/लकवा, चलने में परेशानी या अचानक कमजोरी और डायरिया (लगातार अवधि के लिए) शामिल हैं। विज्ञप्ति में कहा गया, "एक ऑटोइम्यून विकार, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली परिधीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करती है। मांसपेशियों की कमजोरी और गंभीर मामलों में पक्षाघात की विशेषता है।"

जीबीएस से कैसे बचें

विभाग ने पानी की गुणवत्ता अच्छी रखने के लिए कहा है, खास तौर पर उबला हुआ पानी पीने के लिए। इसके अलावा, भोजन ताजा और साफ होना चाहिए और बासी भोजन व आंशिक रूप से पका हुआ भोजन (चिकन या मटन) से बचना चाहिए। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वह घबराएं नहीं, बल्कि कोई भी लक्षण दिखने पर सरकारी अस्पताल जाएं। नागरिकों को निवारक उपायों को भी लागू करना चाहिए।

जीबीएस के लिए हेल्पलाइन

विज्ञप्ति में कहा गया है,पानी के नमूने की जांच और जीबीएस से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए, पुणे नगर निगम की संबंधित हेल्पलाइन 020-25501269, 25506800 और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम की 7758933017 पर संपर्क करें। उल्लेखनीय कि 27 जनवरी को पुणे में जीबीएस के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप और प्रबंधन का समर्थन करने के लिए सात सदस्यीय टीम तैनात की। केंद्र की उच्च स्तरीय टीम में बहु-विषयक विशेषज्ञ शामिल थे। इसका उद्देश्य जीबीएस के संदिग्ध और पुष्ट मामलों में वृद्धि को देखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप और प्रबंधन स्थापित करने में राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों का समर्थन करना है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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