अब फ्रांस में 15 साल तक के बच्चे नहीं चला सकेंगे सोशल मीडिया, प्रतिबंध वाले विधेयक को संसद से मिली मंजूरी
- Edited by: आलोक कुमार राव
- Updated Jan 28, 2026, 06:51 AM IST
यूरोप में सोशल मीडिया मंचों के उपयोग के लिए न्यूनतम आयु निर्धारित करने का विचार जोर पकड़ रहा है। इस विधेयक में हाई स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी प्रतिबंध का प्रावधान है। नेशनल एसेंबली ने सोमवार देर रात विधेयक को 21 के मुकाबले 130 मतों से पारित कर दिया।
फ्रांस में बच्चे नहीं चला सकेंगे सोशल मीडिया।
France social media ban :ऑस्ट्रेलिया के बाद अब फ्रांस ने अपने यहां बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाई है। यहां 15 साल से कम उम्र के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने वाले विधेयक को संसद से मंजूरी मिल गई है। बच्चों के ऑनलाइन बुलिंग एवं उनके स्वास्थ्य से जुड़े खतरे को ध्यान में रखते हुए यह विधेयक लाया गया। इस विधेयक पर सोमवार रात नेशनल असेंबली में मतदान हुआ। इस विधेयक के समर्थन में 130 और विरोध में 21 वोट पड़े। कुछ दिनों पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपने यहां बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया।
बढ़ रहा सोशल मीडिया पर बैन का दायरा
बता दें कि यूरोप में सोशल मीडिया मंचों के उपयोग के लिए न्यूनतम आयु निर्धारित करने का विचार जोर पकड़ रहा है। इस विधेयक में हाई स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी प्रतिबंध का प्रावधान है। नेशनल एसेंबली ने सोमवार देर रात विधेयक को 21 के मुकाबले 130 मतों से पारित कर दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विधेयक को जल्द पारित करने का अनुरोध किया है और अब आने वाले हफ्तों में इस पर सीनेट में चर्चा की जाएगी।
यही वैज्ञानिकों की सिफारिश-मैक्रों
मतदान के बाद मैक्रों ने कहा, ‘15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध: यही वैज्ञानिकों की सिफारिश है, और यही फ्रांस की जनता की भारी मांग है। क्योंकि हमारे बच्चों का दिमाग बिक्री के लिए नहीं है - न तो अमेरिकी मंचों और न ही चीनी नेटवर्क के लिए। उनके सपनों को एल्गोरिदम द्वारा निर्देशित नहीं किया जाना चाहिए।’
विधेयक को संसद में व्यापक समर्थन मिला
यह मुद्दा विभाजित नेशनल एसेंबली के सामने मौजूद उन कुछ विषयों में से एक है जिसे व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है। हालांकि वामपंथी खेमे के आलोचकों ने विधेयक के प्रावधानों को नागरिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा की है। संसद भंग करने के राष्ट्रपति के फैसले से फ्रांस में राजनीतिक संकट पैदा होने के बीच मैक्रों ने इस प्रतिबंध का पुरजोर समर्थन किया है। यह प्रतिबंध मैक्रों के पद से हटने से पहले उनके नेतृत्व में लागू किए जाने वाले अंतिम अहम उपायों में से एक हो सकता है। फ्रांस की सरकार ने इससे पहले सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध संबंधी कानून पारित किया था।