दुनिया

फ्रांस ने रचा इतिहास, गर्भपात को संवैधानिक अधिकार बनाने वाला दुनिया का पहला देश बना

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 5, 2024, 07:18 AM IST

फ्रांस में 1974 के कानून के बाद से महिलाओं को गर्भपात का कानूनी अधिकार प्राप्त है, जिसकी उस समय कई लोगों ने कड़ी आलोचना की थी।

Image

फ्रांस में ऐतिहासिक बिल पास

Photo : AP

Abortion A Constitutional Right: फ्रांस ने सोमवार को अपने संविधान में गर्भपात के अधिकार को शामिल करने के साथ ही इतिहास रच दिया। पेरिस के ठीक बाहर वर्सेल्स पैलेस की सोने की छत के नीचे संसद के दोनों सदनों के एक विशेष संयुक्त मतदान में सांसदों और सीनेटरों ने 72 के मुकाबले 780 वोटों से इस कदम का भारी समर्थन किया। जब मतदान के परिणाम की घोषणा एक विशाल स्क्रीन पर की गई तो बैकग्राउंड पर एफिल टॉवर चमक रहा था और "माई बॉडी माय चॉइस" (MyBodyMyChoice) संदेश प्रदर्शित हो रहा था। मध्य पेरिस में जमा हुए गर्भपात अधिकार कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया।

फ्रांस में गर्भपात के अधिकार को व्यापक स्वीकृति

अमेरिका और कई अन्य देशों की तुलना में फ्रांस में गर्भपात के अधिकार को अधिक व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है। सर्वेक्षणों से पता चलता है कि लगभग 80% फ्रांसीसी लोग इस तथ्य का समर्थन करते हैं कि गर्भपात कानूनी है। प्रधानमंत्री गेब्रियल अटल ने मतदान से पहले सांसदों से कहा, हम सभी महिलाओं को एक संदेश भेज रहे हैं। आपका शरीर आपका है और कोई भी आपके लिए निर्णय नहीं ले सकता।

1974 के कानून के बाद से अधिकार हासिल

फ्रांस में 1974 के कानून के बाद से महिलाओं को गर्भपात का कानूनी अधिकार प्राप्त है, जिसकी उस समय कई लोगों ने कड़ी आलोचना की थी। लेकिन महिलाओं के गर्भपात के संवैधानिक अधिकार को मान्यता देने वाले रो बनाम वेड के फैसले को पलटने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के 2022 के फैसले ने कार्यकर्ताओं को फ्रांस को अपने मूल कानून में अधिकार की रक्षा करने वाला पहला देश बनने के लिए प्रेरित किया।

महिलाओं को दी फैसला लेने की आजादी

सोमवार को हुए मतदान में फ्रांसीसी संविधान के अनुच्छेद 34 में यह प्रावधान किया गया कि कानून उन स्थितियों को निर्धारित करता है जिनमें एक महिला को गर्भपात का सहारा लेने की गारंटीकृत स्वतंत्रता होती है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मध्यमार्गी पार्टी के संसद के निचले सदन के प्रमुख येल ब्राउन-पिवेट ने कहा कि फ्रांस सबसे आगे है।

मरीन ले पेन का मैक्रो पर निशाना

वहीं, धुर दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने कहा कि देश में गर्भपात के अधिकार के लिए बड़े पैमाने पर समर्थन के कारण मैक्रो इसका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए कर रहे हैं। ले पेन ने वर्सेल्स वोट से पहले संवाददाताओं से कहा, हम इसे संविधान में शामिल करने के लिए मतदान करेंगे क्योंकि हमें इससे कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे एक ऐतिहासिक कदम कहना अतिशयोक्ति होगी क्योंकि कोई भी फ्रांस में गर्भपात के अधिकार को खतरे में नहीं डाल रहा है। वहीं, एसोसिएशन ऑफ कैथोलिक फैमिलीज के अध्यक्ष पास्केल मोरिनिएर ने इस कदम को गर्भपात विरोधी प्रचारकों की हार बताया।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article