दुनिया

नेपाल की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिस्री, प्रधानमंत्री केपी ओली से करेंगे मुलाकात

Foreign Secretary Vikram Misri Nepal visit:विदेश सचिव विक्रम मिस्री यात्रा के दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री के पी ओली, राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल और विदेश मंत्री आरजू राणा से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और नेपाल के बीच चले आ रही उच्च स्तरीय वार्ता के क्रम में हो रही है और यह भारत की पड़ोसी प्रथम नीति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Image

नेपाल पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिस्री।

Photo : PTI

Foreign Secretary Vikram Misri Nepal visit: भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री दो दिवसीय यात्रा पर रविवार को नेपाल पहुंचे। इस दौरान वह भारत और नेपाल के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा हिमालयी राष्ट्र के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर देश के नेतृत्व और अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। नेपाल की विदेश सचिव सेवा लमसल ने उनका स्वागत किया।

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 11 से 12 अगस्त तक आधिकारिक यात्रा के तहत काठमांडू पहुंचे। नेपाल की विदेश सचिव सेवा लमसल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह यात्रा भारत और नेपाल के बीच चले आ रही उच्च स्तरीय वार्ता के क्रम में हो रही है और यह भारत की पड़ोसी प्रथम नीति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री केपी ओली से करेंगे मुलाकात

विदेश सचिव विक्रम मिस्री यात्रा के दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री के पी ओली, राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल और विदेश मंत्री आरजू राणा से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने उनकी यात्रा से पहले एक बयान में कहा कि मिस्री की यात्रा भारत द्वारा नेपाल के साथ संबंधों को दी जाने वाली प्राथमिकता को दर्शाती है और यह द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने का एक अवसर होगा। बयान में कहा गया, दोनों विदेश सचिव नेपाल-भारत संबंधों को और मजबूत करने तथा पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को आगे बढ़ाने के विभिन्न मामलों पर चर्चा करेंगे। इसमें कहा गया कि भारत के विदेश सचिव मिस्री नेपाल के उच्चस्तरीय गणमान्य व्यक्तियों से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बयान में कहा, नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध होने के साथ दोनों देशों की जनता के बीच भी आपसी संबंध हैं। भारतीय सहायता से नेपाल में कई बड़ी अवसंरचना और संपर्क परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं तथा नयी परियोजनाओं पर भी काम जारी है। इसने हाल के समय में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत किया है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article