दुनिया

फिनलैड के राष्ट्रपति ने EU-India FTA समझौते को बताया ऐतिहासिक, कहा- आर्थिक और राजनीतिक संबंध होंगे मजबूत

समझौते के तहत, यूरोपीय संघ भारत के 99.5 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क हटा देगा, और समझौते के लागू होते ही अधिकांश शुल्क तुरंत शून्य हो जाएंगे। भारत दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार मूल्य के 97.5 प्रतिशत हिस्से को कवर करने वाली टैरिफ रियायतें प्रदान करने पर सहमत हो गया है।

Image

India- EU व्यापार समझौता (एएनआई)

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का स्वागत करते हुए इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि और यूरोप तथा भारत के बीच आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। स्टब ने X पर एक पोस्ट में लिखा, यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौता ऐतिहासिक है। यह दोनों पक्षों द्वारा अब तक किया गया सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। इससे भारत के साथ हमारे आर्थिक और राजनीतिक संबंध और भी मजबूत होंगे। व्यापक वैश्विक संदर्भ पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा, इन परिस्थितियों में यूरोपीय संघ और फ़िनलैंड दोनों के लिए विश्व भर में साझेदारी को मजबूत करना महत्वपूर्ण है।

भारत के 99.5 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क हटा

ये टिप्पणियां भारत और यूरोपीय संघ द्वारा मंगलवार को लंबे समय से लंबित एफटीए के लिए वार्ता संपन्न होने की घोषणा के बाद आईं। समझौते के तहत, यूरोपीय संघ भारत के 99.5 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क हटा देगा, और समझौते के लागू होते ही अधिकांश शुल्क तुरंत शून्य हो जाएंगे। भारत दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार मूल्य के 97.5 प्रतिशत हिस्से को कवर करने वाली टैरिफ रियायतें प्रदान करने पर सहमत हो गया है।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए यूरोपीय आयुक्त मारोस सेफकोविक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की उपस्थिति में संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए। वॉन डेर लेयेन ने इसे "सभी समझौतों की जननी" (the mother of all deals) बताते हुए कहा, हम 2 अरब लोगों का बाजार बना रहे हैं। यह दो दिग्गजों की कहानी है - दुनिया की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं। दो दिग्गज जिन्होंने वास्तव में पारस्परिक लाभ के दृष्टिकोण से साझेदारी को चुना है। यह एक सशक्त संदेश है कि वैश्विक चुनौतियों का सबसे अच्छा समाधान सहयोग है।

2007 में शुरू हुई वार्ता प्रक्रिया का परिणाम

यह समझौता 2007 में शुरू हुई वार्ता प्रक्रिया का परिणाम है। द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 136 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है, इस समझौते को वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े द्विपक्षीय समझौतों में से एक बताया गया है।प्रधानमंत्री मोदी, वॉन डेर लेयेन और कोस्टा की उपस्थिति में नई दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की औपचारिक घोषणा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ का सहयोग अस्थिर वैश्विक व्यवस्था को स्थिर करने में सहायक होगा, जबकि यूरोपीय संघ के नेताओं ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान भारत के आतिथ्य और विविधता की प्रशंसा की, जहां वे मुख्य अतिथि थे।

यूरोपीय संघ ने बाद में कहा कि इस समझौते से सालाना लगभग 4 अरब यूरो की शुल्क बचत होगी, क्योंकि भारत यूरोप से आयातित लगभग 97 प्रतिशत वस्तुओं पर शुल्क कम करने और कुछ मामलों में समाप्त करने पर सहमत हो गया है। घोषणा के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ के संबंधों को वैश्विक 'विकास का दोहरा इंजन' बताया और व्यापारिक नेताओं से द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए अगले कदम उठाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अब गेंद आपके पाले में है, और कहा कि भारत और यूरोपीय संघ मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल के बीच विश्व व्यवस्था को स्थिर करने में मदद करेंगे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article