पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पांचवें दिन और अधिक उग्र हो गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स फोर्स Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने घोषणा की है कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” की 16वीं लहर को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में की गई बताई जा रही है।
इजरायली ठिकानों पर हमले का दावा
IRGC ने अपने बयान में कहा कि उसकी एयरोस्पेस डिवीजन ने “कब्जे वाले क्षेत्रों के दिल और उत्तरी हिस्सों” को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया। जिन ठिकानों का जिक्र किया गया, उनमें तेल अवीव के पास हाकिरिया क्षेत्र में इजरायली सेना का जनरल स्टाफ और रक्षा मंत्रालय, बनी ब्राक की रणनीतिक संरचनाएं, बीत हाकफा में सैन्य लक्ष्य और पश्चिमी गलील का सैन्य केंद्र शामिल हैं। ईरानी दावे के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई के चौथे दिन तक 680 से अधिक “दुश्मन हताहत” हुए हैं। IRGC ने इजरायल की बहुस्तरीय रक्षा प्रणाली में “तकनीकी कमियों” और “ऑपरेशनल कमजोरी” का हवाला देते हुए कहा कि इससे ईरानी प्रोजेक्टाइल के लिए हवाई रास्ते खुल गए।
जमीनी बलों की एंट्री, 230 ड्रोन दागे
IRGC ने यह भी घोषणा की कि उसके जमीनी बलों ने तीन समांतर अभियानों के साथ युद्ध में प्रवेश किया है और 230 अटैक ड्रोन दागे गए हैं। इससे पहले ईरान के सर्वोच्च सैन्य समन्वय इकाई Khatam al-Anbiya Central Headquarters ने दावा किया था कि ईरानी बलों ने दुश्मन के संवेदनशील ठिकानों पर “भारी और करारा प्रहार” किया है।
अमेरिका का पलटवार: नौसेना और मिसाइल ठिकाने निशाने पर
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख Brad Cooper ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के भीतर कई मिसाइल ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। उन्होंने दावा किया कि B-2, B-1 और B-52 बमवर्षकों ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और कमांड सेंटर को निशाना बनाया। कूपर ने यह भी कहा कि अमेरिकी बलों ने 17 ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया है और ईरानी नौसेना की क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार, ईरान ने अब तक 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल और 2,000 ड्रोन दागे हैं, लेकिन उसकी जवाबी क्षमता घट रही है।
क्षेत्रीय अस्थिरता गहराई
संघर्ष उस समय और भड़क गया जब अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के मारे जाने की खबर सामने आई। इसके बाद तेहरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और इजरायली संपत्तियों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए। तेजी से बढ़ते इस टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिरता के नए दौर में धकेल दिया है, जहां दोनों पक्ष लगातार सैन्य कार्रवाई तेज कर रहे हैं और हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
