दुनिया

US-Iran Tension: अमेरिकी हमले की आशंका के बीच ईरान के बंदर अब्बास में विस्फोट, एक की मौत 14 घायल, जांच हुई शुरू

अमेरिका का एयरक्राफ्ट करियर युद्धपोत अब्राहम लिंकन दक्षिण चीन सागर से ईरान के करीब आ गया है। इस एयरक्राफ्ट पर पांचवीं पीढ़ी के एफ-35, एफ-20 लड़ाकू विमान और अन्य घातक हथियार तैनात हैं। इस बीच ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में विस्फोट हुआ है।

Image

अमेरिका से तनाव के बीच ईरान में विस्फोट।

Photo : AP

अमेरिका से जारी तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में शनिवार को एक विस्फोट हुआ। ईरानी मीडिया ने इस घटना की पुष्टि की है। इस विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई वहीं, 14 अन्य लोग घायल हो गए। हालांकि विस्फोट के कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नहीं आई ज्यादा जानकारी

इस बीच, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने वायरल हो रही उन खबरों को पूरी तरह खारिज किया है,जिनमें दावा किया जा रहा था कि इस विस्फोट में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के नौसेना कमांडर को निशाना बनाया गया था। एजेंसी ने कहा कि ऐसे सभी दावे पूरी तरह झूठे हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस विस्फोट की जांच की जा रही है,लेकिन फिलहाल इससे जुड़ा कोई अतिरिक्त विवरण साझा नहीं किया गया है। ये विस्फोट तब हुआ है जब ईरान को पहले ही अमेरिका की ओर से हमले का डर है।

अहवाज शहर में गैस विस्फोट की एक और घटना

इस बीच,ईरान के इराक सीमा के पास स्थित अहवाज शहर में गैस विस्फोट की एक अलग घटना में चार लोगों की मौत हो गई। सरकारी अखबार तेहरान टाइम्स ने यह जानकारी दी, हालांकि इस घटना पर भी विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। वहीं, इजराइल के दो अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को हुए इन विस्फोटों में इजराइल की कोई भूमिका नहीं है। ये घटनाएं ऐसे समय पर हुई हैं जब ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई और परमाणु कार्यक्रम को लेकर तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।

ईरान की उड़ी नींद

बता दें कि ईरान का बंदरगाह शहर बंदर अब्बास हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थित है,यह ईरान और ओमान के बीच एक बेहद अहम समुद्री मार्ग है। यह जलमार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत समुद्री तेल परिवहन को संभालता है। ऐसे में यहां हुए विस्फोट ने ईरान की नींदे उड़ा दी हैं।

हालिया प्रदर्शनों में 5000 से ज्यादा की मौत

हाल ही में ईरान में तीन वर्षों में सबसे बड़े विरोध हुए,जिन्हें सरकार ने दबा दिया। ये प्रदर्शन दिसंबर में आर्थिक संकट के कारण भड़के थे और देश के धार्मिक नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन गए थे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया है कि इन विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 5,000 लोगों की मौत हुई,जिनमें लगभग 500 सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे।

अमेरिका से सता रहा हमले का डर

ईरान के चारों तरफ से घेराबंदी करने के बाद अमेरिका लगातार तेहरान पर दबाव बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई से इंकार नहीं किया है। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा है कि वह अमेरिका के साथ 'निष्पक्ष एवं तर्कसंगत' बातचीत करने के लिए तैयार है लेकिन यह बातचीत धमकियों के साए में नहीं होनी चाहिए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची तुर्किये पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि 'बातचीत से ईरान को कोई समस्या नहीं है लेकिन बातचीत धमकियों के साए में नहीं हो सकती।' दरअसल, ट्रंप ने कहा है कि ईरान यदि 'बिजनेस' पर बातचीत के लिए आगे नहीं आता है तो उस पर सैन्य कार्रवाई होनी तय है। ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि एक 'आर्माडा' (नौसैनिक बेड़ा) ईरान की ओर बढ़ रहा है। सूत्रों ने भी बताया कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ सुरक्षा बलों पर लक्षित हमलों समेत कई विकल्पों पर विचार कर रहा है।

ईरान के करीब आया एयरक्राफ्ट करियर अब्राहम लिंकन

इस बीच बताया जा रहा है कि अमेरिका का एयरक्राफ्ट करियर युद्धपोत अब्राहम लिंकन दक्षिण चीन सागर से ईरान के करीब आ गया है। इस एयरक्राफ्ट पर पांचवीं पीढ़ी के एफ-35, एफ-20 लड़ाकू विमान और अन्य घातक हथियार तैनात हैं। ईरान ने इस एयरक्राफ्ट पर अगर अपने हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइलों से हमले किए तो एयरक्राफ्ट डूब सकता है। इस इस एयरक्राफ्ट पर करीब 6500 अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात रहते हैं। जाहिर है कि ईरान वेनेजुएला नहीं है। वेनेजुएला की सैन्य ताकत ईरान के मुकाबले काफी कम थी। ईरान के पास पारंपरिक सेना के साथ-साथ आधुनिक ड्रोन और मिसाइलें हैं। ईरानी ड्रोनों ने हाल के समय में किस तरह से कहर बरपाया है, इसे यूक्रेन में देखा जा चुका है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

और पढ़ें
End of Article