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दुबई की एयरलाइन ने पेजर और वॉकी-टॉकी पर लगाया बैन, जानें क्या है इसकी वजह

Middle East Conflict: मध्य पूर्व देशों के बीच छिड़े संघर्ष को देखते हुए दुबई की एयरलाइन ने बड़ा फैसला लिया है। एमिरेट्स ने पेजर और वॉकी-टॉकी पर बैन लगा दिया है। हाल ही में लेबनान में वॉकी-टॉकी और पेजर में विस्फोट हुए थे। इस हमले में 42 लोगों की मौत हो गई थी। इसे देखते हुए अब दुबई ने बड़ा फैसला लिया है।

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दुबई की एमिरेट्स एयरलाइन का बड़ा फैसला।

दुबई की एमिरेट्स एयरलाइन ने अपने यात्रियों के लिए पेजर और वॉकी-टॉकी ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पिछले महीने लेबनान में हुए पेजर और वॉकी-टॉकी पर विस्फोटों के बाद यह फैसला लिया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक एयरलाइन ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा, "दुबई से आने-जाने वाले या दुबई से होकर जाने वाले सभी यात्रियों को चेक किए गए या केबिन बैगेज में पेजर और वॉकी-टॉकी ले जाने की मनाही है।"

दुबई पुलिस द्वारा जब्त कर ली जाएंगी प्रतिबंधित वस्तुएं

बयान में कहा गया कि कोई भी प्रतिबंधित वस्तु पाए जाने पर उसे दुबई पुलिस द्वारा जब्त कर लिया जाएगा। मध्य पूर्व की सबसे बड़ी एयरलाइन ने यह भी घोषणा की कि इराक और ईरान के लिए फ्लाइट्स मंगलवार तक निलंबित रहेंगी, जबकि जॉर्डन के लिए सेवाएं रविवार को फिर से शुरू होंगी। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ बढ़ते इजरायली हमलों के कारण लेबनान के लिए फ्लाइट्स 15 अक्टूबर तक निलंबित रहेंगी।

बता दें 17-18 सितंबर को, हिजबुल्लाह के हजारों पेजर और सैकड़ों रेडियो/वॉकी टॉकी में विस्फोट हुए। इन हमलों में 42 लोगों की मौत हो गई जबकि हजारों लोग घायल हुए।

हिजबुल्लाह ने इजरायल को ठहराया था जिम्मेदार

पेजर विस्फोट के लिए हिजबुल्लाह ने इजरायल को जिम्मेदार ठहराया लेकिन इजरायल ने इसकी सीधी जिम्मेदारी नहीं ली। पेजर विस्फोट इजरायल-लेबनान संघर्ष को खतरनाक रूप से बढ़ाने वाले साबित हुए। इसके बाद इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकानों पर एयर स्ट्राइक शुरू कर दी। 23 सितंबर से, इजरायल ने लेबनान में हवाई हमले तेज कर दिए। उसका कहना है कि यह कार्रवाई लेबानानी संगठन हिजबुल्ला के खात्मे के लिए की जा रही है।

27 सितंबर को बेरूत के दक्षिणी उपनगर में एक महत्वपूर्ण हमले में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह और उसके कई सहयोगी मारे गए। वहीं इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी सैन्य अभियान भी शुरू कर दिया।

8 अक्टूबर, 2023 को हिजबुल्लाह ने गाजा में हमास के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए इजरायल पर रॉकेट दागने शुरू किए थे। नवीनतम घटनाक्रम इसी संघर्ष का विस्तार है। अलजजीरा की शनिवार की एक रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश भर में इजरायल के हमलों में अब तक 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें 127 बच्चे और 261 महिलाएं शामिल हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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