ईरान से जंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप अकेले पड़ते दिख रहे हैं। उनके सहयोगी देशों जैसे ब्रिटेन और फ्रांस सहित स्पेन और इटली और नाटो उनका साथ नहीं दे रहे हैं। जिससे ट्रंप की खिसियाहट साफ दिख रही है। अब उन्होंने अपने उन सहयोगी देशों जो उनका साथ नहीं दे रहे, खास तौर पर ब्रिटेन और फ्रांस पर तीखा हमला बोला है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जाओ और खुद ले लो तेल
मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में उन्होंने इन देशों को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि जो देश इस संकट से परेशान हैं,उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए या फिर वे हिम्मत दिखाकर खुद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जाकर तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से यूनाइटेड किंगडम का नाम लेते हुए कहा कि ब्रिटेन ने ईरान के 'डिकैपिटेशन' ऑपरेशन में हिस्सा नहीं लिया,ऐसे में उसे अमेरिका पर निर्भर रहने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
ट्रम्प ने आगे लिखा, 'जिन देशों को हॉर्मुज की वजह से जेट फ्यूल नहीं मिल रहा,जैसे यूनाइटेड किंगडम,जिसके पास ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होने की हिम्मत नहीं थी, उसे मेरी सलाह है कि या तो अमेरिका से खरीदो,हमारे पास बहुत तेल है,या फिर साहस जुटाकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जाओ और खुद ले लो। अमेरिका अब आपकी मदद नहीं करेगा,ठीक वैसे ही जैसे आप हमारी मदद के समय साथ नहीं थे।'
'ईरान के कसाई के खिलाफ बिल्कुल मददगार नहीं'
इस दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अमेरिका कठिन काम कर चुका है। उन्होंने कहा कि अब सहयोगी देशों को स्वयं अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए लड़ना सीखना होगा। इस दौरान ट्रंप ने फ्रांस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्रांस ने इजराइल के लिए सैन्य सामग्री ले जा रहे अमेरिकी विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने लिखा कि फ्रांस ने इजराइल जा रहे हथियारों से भरे विमानों को अपने ऊपर से उड़ने नहीं दिया। वे ईरान के कसाई (अयातुल्लाह अली खामेनेई) के खिलाफ बिल्कुल मददगार नहीं रहे। अमेरिका इसे याद रखेगा।
गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल से जंग के बीच ईरान ने हॉर्मुज को लगभग बाधित करके रखा है। यह जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। जहां से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। ईरान के हमलों के बाद बंद पड़ा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य की बंदी ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को झटका दिया है और कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है।
