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पॉर्न स्टार को चुप कराने के मामले में 'बिना शर्त बरी' होने के बाद आया ट्रंप का जवाब, विरोधियों को जमकर लताड़ा

Hush Money Case: हश मनी मामले में 'बिना शर्त बरी' होने के बाद ट्रंप ने जवाब दिया है। ट्रंप को पॉर्न स्टार को मुंह बंद रखने के एवज में भुगतान (हश मनी) करने से जुड़े मामले में शुक्रवार को औपचारिक तौर पर सजा सुनाई गई, लेकिन न्यायाधीश ने उनके लिए न तो जेल की सजा का ऐलान किया और न ही कोई जुर्माना या प्रतिबंध लगाया।

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डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सजा पर दी प्रतिक्रिया।

Donald Trump Responds after Unconditional Discharge: अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विरोधियों पर करारा प्रहार किया है। पॉर्न स्टार को चुप रहने के लिए पैसे देने के मामले में 'बिना शर्त बरी' होने के बाद ट्रंप ने "कट्टरपंथी डेमोक्रेट्स" पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने जांच की आलोचना की, जिसके बारे में उनका दावा है कि इसमें बहुत समय और संसाधन लगे और उन्होंने इसे "गैर-अमेरिकी विच हंट" करार दिया।

ट्रंप का दावा- उनके खिलाफ लगाए गए थे फर्जी आरोप

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने तर्क दिया कि इस प्रयास को न्यूयॉर्क शहर और राज्य में अपराध जैसे मुद्दों पर केंद्रित किया जाना चाहिए था। उन्होंने वर्तमान बाइडेन-हैरिस प्रशासन और न्याय विभाग के "हथियारीकरण" के रूप में वर्णित किए गए समन्वय का भी संदर्भ दिया। ट्रंप ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप "निराधार, अवैध और फर्जी" थे, और उन्होंने "बिना शर्त बरी" को इस बात का सबूत बताया कि मामले में कोई दम नहीं था।

ट्रंप ने कहा, "कट्टरपंथी डेमोक्रेट्स ने एक और दयनीय, गैर-अमेरिकी विच हंट खो दिया है। लाखों डॉलर खर्च करने, 6 साल से अधिक जुनूनी काम को बर्बाद करने के बाद, जिसे न्यूयॉर्क के लोगों को हिंसक, बड़े पैमाने पर अपराध से बचाने पर खर्च किया जाना चाहिए था, जो शहर और राज्य को नष्ट कर रहा है, बिडेन/हैरिस डिपार्टमेंट ऑफ इनजस्टिस के साथ कानूनविहीन हथियारीकरण में समन्वय करना, और आपके 45वें और 47वें राष्ट्रपति, मेरे खिलाफ पूरी तरह से निराधार, अवैध और फर्जी आरोप लगाना, मुझे बिना शर्त बरी कर दिया गया।"

हश मनी मामले में न्यायाधीश ने ट्रंप को सजा सुनाई

इससे पहले शुक्रवार को, न्यायाधीश जुआन मर्चन ने राष्ट्रपति-चुनाव ट्रंप को 'बिना शर्त बरी' की सजा सुनाई, जिसके कारण उन्हें चुप रहने के पैसे के मामले में किसी भी जेल की सजा या दंड का सामना नहीं करना पड़ेगा। सजा, जो अपेक्षित थी, इसका मतलब है कि ट्रंप एक अपराधी बने रहेंगे, लेकिन चुप रहने के पैसे के मामले में उनकी सजा के लिए उन्हें कोई जेल की सजा, दंड या परिवीक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। अपने पोस्ट में, ट्रंप ने आगे कहा कि कानूनी विशेषज्ञों और विद्वानों ने सहमति व्यक्त की थी कि कोई मामला नहीं था, और उन्होंने मामले को खारिज करने का आह्वान किया। उन्होंने अपने पुनर्निर्वाचन को इस बात का सबूत बताया कि अमेरिकी जनता ने अपना निर्णय ले लिया है, उन्होंने अमेरिकी इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में से एक में "जनादेश" का दावा किया और कानूनी कार्यवाही की आलोचना की, जिसमें उन्होंने एक "विवादित" न्यायाधीश, एक महत्वपूर्ण गवाह जिसका कानूनी इतिहास समस्याग्रस्त रहा है, और कथित चुनाव हस्तक्षेप का हवाला दिया।

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बोले- अमेरिका को फिर से महान बनाएं

ट्रंप ने आगे कहा "यह परिणाम अकेले ही साबित करता है कि, जैसा कि सभी कानूनी विद्वानों और विशेषज्ञों ने कहा है, कोई मामला नहीं है, कोई मामला कभी था ही नहीं, और यह पूरा घोटाला पूरी तरह से खारिज किए जाने का हकदार है। असली जूरी, अमेरिकी लोगों ने, इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में से एक में मुझे भारी बहुमत से फिर से चुनकर अपनी बात कही है। जैसा कि अमेरिकी लोगों ने देखा है, इस "मामले" में कोई अपराध नहीं था, कोई नुकसान नहीं था, कोई सबूत नहीं था, कोई तथ्य नहीं था, कोई कानून नहीं था, केवल एक अत्यधिक विवादित न्यायाधीश, एक स्टार गवाह जो एक निष्कासित, बदनाम, लगातार झूठ बोलने वाला और आपराधिक चुनाव हस्तक्षेप है। आज की घटना एक घृणित नाटक थी, और अब जब यह खत्म हो गई है, तो हम इस धोखाधड़ी के खिलाफ अपील करेंगे, जिसका कोई औचित्य नहीं है, और अमेरिकियों का हमारे एक बार के महान न्याय प्रणाली में विश्वास बहाल करेंगे। अमेरिका को फिर से महान बनाएं!"।

ट्रंप को मई 2023 में अपने तत्कालीन वकील माइकल कोहेन को भुगतान छिपाने के लिए रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का दोषी ठहराया गया था, जिन्होंने 2016 के चुनाव से पहले ट्रंप के साथ कथित संबंध के बारे में चुप रहने के लिए एक वयस्क फिल्म स्टार, स्टॉर्मी डेनियल्स को दिए गए 130,000 अमरीकी डालर के चुप रहने के पैसे का भुगतान किया था। ट्रंप ने संबंध से इनकार किया है।

सजा मिलने के बावजूद डोनाल्ड ट्रपं को मिली बड़ी राहत

अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पॉर्न स्टार को मुंह बंद रखने के एवज में भुगतान (हश मनी) करने से जुड़े मामले में शुक्रवार को औपचारिक तौर पर सजा सुनाई गई, लेकिन न्यायाधीश ने उनके लिए न तो जेल की सजा का ऐलान किया और न ही कोई जुर्माना या प्रतिबंध लगाया। फैसले को ट्रंप के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है और इससे उनके व्हाइट हाउस में बतौर राष्ट्रपति दूसरे कार्यकाल के लिए लौटने का रास्ता भी साफ हो गया है। मैनहट्टन की एक अदालत के न्यायाधीश जुआन एम मर्चन ‘हश मनी’ मामले में 78 वर्षीय ट्रंप को चार साल की जेल की सजा सुना सकते थे। हालांकि, उन्होंने एक ऐसा फैसला चुना, जिसने मामले का प्रभावी ढंग से निपटारा करते हुए कई संवैधानिक मुद्दों को पनपने से रोक दिया।

राष्ट्रपति पद पर काबिज होने वाले पहले ऐसे व्यक्ति होंगे ट्रंप

ट्रंप अमेरिका में राष्ट्रपति पद पर काबिज होने वाले पहले ऐसे व्यक्ति होंगे, जिन्हें किसी आपराधिक मामले में दोषी करार देते हुए औपचारिक सजा सुनाई गई। यह मामला 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप द्वारा ‍अपने एक सहयोगी के माध्यम से पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को 1,30,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किए जाने से जुड़ा हुआ है, ताकि वह उनके साथ यौन संबंध बनाने की बात सार्वजनिक न करे। पूर्व राष्ट्रपति ने पॉर्न स्टार को मुंह बंद रखने के लिए भुगतान करने से जुड़े मामले में उच्चतम न्यायालय से सजा सुनाए जाने पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने ट्रंप की याचिका खारिज कर दी थी, जिससे न्यायमूर्ति मर्चन के लिए शुक्रवार को उनकी सजा का ऐलान करने का रास्ता साफ हो गया था। हालांकि, न्यायमूर्ति मर्चन ने संकेत दिए थे कि वह ट्रंप को जेल की सजा नहीं सुनाएंगे और न ही उन पर कोई जुर्माना या प्रतिबंध लगाएंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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