दुनिया

अमेरिका में बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियां खत्म करने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप, मस्क और रामास्वामी ने दिए कटौती के संकेत

US Government Jobs Cut off: रामास्वामी ने कहा, मैं और एलन मस्क ऐसी स्थिति में हैं कि हम लाखों गैर निर्वाचित संघीय नौकरशाहों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। हम इस तरह देश को बचाएंगे। उन्होंने तर्क दिया कि बहुत अधिक नौकरशाही का मतलब है-कम नवोन्मेष और अधिक लागत।

Image

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

US Government Jobs Cut off: अमेरिका के नवनिर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियां खत्म करने जा रहे हैं। इसके संकेत उद्यमी से नेता बने विवेक रामास्वामी ने दिए हैं। बता दें, ट्रंप ने रामास्वामी को टेस्ला के मालिक एलन मस्क के साथ सरकारी दक्षता मंत्रालय (डिपार्टमेंट ऑफ गवर्मेंट एफिशिएंसी) का प्रभारी नामित किया गया है। एक कार्यक्रम में रामास्वामी ने कहा, मैं और एलन मस्क ऐसी स्थिति में हैं कि हम लाखों गैर निर्वाचित संघीय नौकरशाहों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। हम इस तरह देश को बचाएंगे।

उन्होंने कहा, हमें पिछले चार साल में यह विश्वास करना सिखाया गया है कि हमारा राष्ट्र पतन की ओर है, हम प्राचीन रोमन साम्राज्य के अंत में हैं। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि हमें यह सोचना चाहिए कि हमारा राष्ट्र पतन की ओर है। मुझे लगता है कि पिछले सप्ताह जो कुछ हुआ, उसके साथ हम फिर से एक उत्थानशील राष्ट्र बन गए हैं। एक ऐसा राष्ट्र, जिसके सबसे अच्छे दिन आने वाले हैं।

हर सप्ताह अपने काम का अपडेट देंगे मस्क और रामास्वामी

इस बीच, मस्क और रामास्वामी ने घोषणा की कि वे सरकारी दक्षता मंत्रालय (डीओजीई) के कार्यों की प्रगति पर अमेरिकी जनता को ताजा जानकारी देने के लिए हर हफ्ते लाइवस्ट्रीम करेंगे। रामास्वामी ने कहा, डीओजीई का काम एक ऐसी सरकार बनाना है जिसका आकार और दायरा ऐसा हो जिस पर हमारे संस्थापकों को गर्व हो। मैं और एलन मस्क नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हमें दिए गए आदेश को पूरा करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने तर्क दिया कि बहुत अधिक नौकरशाही का मतलब है-कम नवोन्मेष और अधिक लागत। उन्होंने कहा, नौकरशाह इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं कि कैसे उनके दैनिक निर्णय नए आविष्कारों को रोकते हैं और लागत बढ़ाते हैं जिससे विकास बाधित होता है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article