Donald Trump Can be Sentenced Today: डोनाल्ड ट्रंप को हश मनी मामले में आज सजा सुनाई जा सकती है। दरअसल, न्यूयॉर्क की सर्वोच्च अदालत ने बृहस्पतिवार को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पॉर्न स्टार को चुप कराने के लिए धन देने के मामले में आगामी शुक्रवार को सजा सुनाए जाने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
ट्रंप की कानूनी टीम को सुनवाई का अवसर देने से किया इनकार
न्यूयॉर्क अपील न्यायालय के एक न्यायाधीश ने एक संक्षिप्त आदेश जारी कर ट्रंप की कानूनी टीम को सुनवाई का अवसर देने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया है कि वह चुप रहने के लिए धन देने के मामले में शुक्रवार को सजा सुनाने के लिये होने वाली सुनवाई को रद्द कर दें। न्यूयॉर्क की अदालत द्वारा न्यायाधीश जुआन एम मर्चेन द्वारा सजा को स्थगित करने से इनकार करने के बाद बुधवार को उनके वकीलों ने देश की सर्वोच्च अदालत का रुख किया था।
ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट से 'हश मनी' मामले में किया था ये अनुरोध
अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले न्यूयॉर्क में उच्चतम न्यायालय से पॉर्न स्टार को गुप्त रूप से भुगतान (हश मनी) करने के मामले में शुक्रवार को सजा सुनाने पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। जिसे अदालन ने इनकार कर दिया। न्यूयॉर्क में न्यायाधीश जुआन एम. मर्चन की अदालत शुक्रवार को ट्रंप को सजा सुनाएगी। सजा सुनाए जाने पर रोक लगाने से न्यूयॉर्क की अदालतों के इनकार के बाद ट्रंप के वकीलों ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। मर्चन ने इस मामले पर सुनवाई करने के बाद पिछले साल मई में ट्रंप को 34 आपराधिक आरोपों में दोषी पाया था। हालांकि ट्रंप आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
ट्रंप की टीम ने उच्चतम न्यायालय से सजा सुनाए जाने पर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया था और कहा था कि इससे राष्ट्रपति पद की शपथ लेने की उनकी तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ट्रंप को 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेनी है। हालांकि मर्चन ने संकेत दिया कि वह ट्रंप को जेल की सजा नहीं सुनाएंगे और न ही कोई जुर्माना या रोक लगाएंगे, लेकिन ट्रंप के वकीलों का कहना था कि केवल दोषी करार दिए जाने पर भी ट्रंप की छवि को गहरा नुकसान पहुंचेगा। वकील व ट्रंप के आगमी कार्यकाल के लिए सॉलीसिटर जनरल चुने गए जॉन सॉसर और न्याय विभाग में दूसरे उच्चस्तरीय भावी अधिकारी टॉड ब्लेंच ने उच्चतम न्यायालय में आपात सुनवाई के लिए याचिका दायर की थी।
