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दक्षिण कोरिया में बड़ा साइबर अटैक, 2900 ग्राहकों का निजी डाटा लीक; भारत में क्या है कानून?

Data leaked in South Korea: यह घटना 2019 और 2020 के बीच हुई, जब घड़ी निर्माता ने अपनी वेबसाइट को नये सिरे से बनाया था। वेबसाइट साइबर हमले की चपेट में आ गया। योनहाप समाचार एजेंसी ने बताया कि पिछले साल मई में हैकर द्वारा कंपनी को ब्लैकमेल किए जाने के बाद टीएजी ह्यूअर को हमले के बारे में पता चला।

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Photo : BCCL

Data leaked in South Korea: दक्षिण कोरिया में नागरिकों के निजी डाटा लीक का मामला सामने आया है। यहां एक कंपनी के 2900 ग्राहकों का निजी डाटा लीक किया गया है। इसके पीछे साइबर अटैक का हलावा दिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, दक्षिण कोरिया में लक्जरी सामान बनाने वाली दिग्गज कंपनी एलवीएमएच के स्वामित्व वाली टीएजी ह्यूअर के लगभग 2,900 ग्राहकों के निजी डेटा लीक हो गये हैं। देश के निजी सूचना संरक्षण आयोग के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

आयोग के अनुसार, यह घटना 2019 और 2020 के बीच हुई, जब घड़ी निर्माता ने अपनी वेबसाइट को नये सिरे से बनाया था। वेबसाइट साइबर हमले की चपेट में आ गया। योनहाप समाचार एजेंसी ने बताया कि पिछले साल मई में हैकर द्वारा कंपनी को ब्लैकमेल किए जाने के बाद टीएजी ह्यूअर को हमले के बारे में पता चला। इसके बाद उसने आयोग को मामले की सूचना देने में भी देरी की।

कंपनी पर 90,712 डॉलर का जुर्माना

इसके बाद निजी सूचना संरक्षण आयोग ने टीएजी ह्यूअर पर 12.6 करोड़ वॉन (लगभग 90,712 डॉलर) का अर्थदंड लगाया है। इसके अलावा मामले की देरी से सूचना देने के लिए 78 लाख वॉन का जुर्माना भरने का आदेश दिया। आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि दक्षिण कोरिया कंपनी पर जुर्माना लगाने वाला पहला देश है।

भारत में क्या है कानून?

भारत सरकार डेटा प्रोटेक्शन बिल को भी पेश कर चुकी है। यह बिल उन कंपनियों को कानून के दायरे में लाता है जो बिना यूजर्स की अनुमति के उसके डेटा का इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए करती हैं। सरकार द्वारा लाए गए 'डिटिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल' में काफी कड़े प्रावधान किए गए हैं और उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर 500 करोड़ तक का जुर्माना तक लगाया जा सकता है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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