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चीन से फिर दुनिया को खतरा, 3 साल पहले 5.5 लाख लोगों का छुपाया था सच, लौटेगा लॉकडाउन !

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 21, 2022, 05:59 PM IST

Covid-19 Outbreak in China: जिस तरह तीन साल पहले चीन ने कोरोना पर लोगों को अंधेरे में रखा, ठीक इस बार भी वह दुनिया को सतर्क नहीं कर रहा है। न तो उसने अपने यहां से विदेश यात्राओं पर कोई सख्ती की है और न ही उसने दूसरे सख्त कदम उठाए। उल्टे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जनता के दवाब में जीरी कोविड पॉलिसी में ढील दे दी है।

KEY HIGHLIGHTS
  • महामारी विशेषज्ञ अगले 90 दिनों में दुनिया की 10 फीसदी आबादी के संक्रमित होने की आशंका जता रहे हैं।
  • चीन उसी रास्ते पर है, जो उसने साल 2020 में अपनाया था।
  • चीन में बढ़ते मामलों के लिए ओमिक्रॉन का BF.7 सब-वैरिएंट को प्रमुख कारण के तौर पर देखा जा रहा है।

Covid-19 Outbreak in China: एक बार फिर कोरोना का खतरा मंडराने लगा है। चीन में हालात बेकाबू हैं, वहां से सोशल मीडिया पर जो वीडियो और तस्वीरें सामने आ रही है, उससे साफ है कि अस्पतालों में ईलाज के लिए जगह नहीं हैं, श्मशानों में लंबी कतारे हैं, दवाओं की किल्लत है। उससे एक बार फिर यह खतरा मंडरा रहा है कि दुनिया में कोरोना फिर से पैर पसारेगा। महामारी विशेषज्ञ अगले 90 दिनों में दुनिया की 10 फीसदी आबादी के संक्रमित होने की आशंका जता रहे हैं। और विशेषज्ञों का डर सच भी होता दिख रहा है क्योंकि चीन के पड़ोसी देश जापान, कोरिया में तेजी से मामले बढ़े हैं। इसके अलावा अमेरिका और ब्राजील में भी संक्रमण तेजी से बढ़ा है।

चीन की बदमाशी पड़ोसियों पर भारी

जिस तरह तीन साल पहले चीन ने कोरोना पर लोगों को अंधेरे में रखा, ठीक इस बार भी वह दुनिया को सतर्क नहीं कर रहा है। न तो उसने अपने यहां से विदेश यात्राओं पर कोई सख्ती की है और न ही उसने दूसरे सख्त कदम उठाए। उल्टे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जनता के दवाब में जीरी कोविड पॉलिसी में ढील दे दी है। उसी का असर है कि चीन में कोरोना बेकाबू हो गया है। और उसके पड़ोसी देशों में भी तेजी से फैल रहा है। जापान में बीते एक हफ्ते में दस लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। वहीं दक्षिण कोरिया में भी 4.5 लाख नए केस सामने आ गए हैं। इसके अलावा ब्राजील, जर्मनी और अमेरिका में भी केस तेजी से बढ़ने लगे हैं।

5.5 लाख लोगों का छुपाया था सच

चीन उसी रास्ते पर है, जो उसने साल 2020 में अपनाया था। साल 2020 में चीन मई के महीने तक देश में केवल 83000 संक्रमण के मामले दिखा रहा था। और शी जिनपिंग दुनिया को बताने में यह लगे थे कि चीन ने कोरोना का काबू कर लिया। लेकिन चीन की ही मिलेट्री यूनिवर्सिटी ने मई में अलग ही तस्वीर सामने पेश कर दी। उसके अनुसार उस वक्त तक चीन में कोरोना मरीजों की संख्या 6 लाख से ज्यादा हो चुकी थी। और वह 230 शहरों में फैल गया था। जाहिर है कि शी जिनपिंग दुनिया को अंधेरे में रख रहे थे और उसका खामियाजा बाद में भारत सहित पूरी दुनिया को भुगतना पड़ा। क्योंकि अगर वह समय पर दुनिया को सचेत करते तो और पहले एहतियात के कदम उठाए जा चुके होते और कइयों की जान बच सकती थी।

कहर बरपा रहा है नया वैरिएंट

चीन में बढ़ते मामलों के लिए ओमिक्रॉन का BF.7 सब-वैरिएंट को प्रमुख कारण के तौर पर देखा जा रहा है। और अक्टूबर में गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर, देश में इस वैरिएंट के कारण संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि कर चुका है। भारत के अलावा कई यूरोपीय देशों में भी इस वैरिएंट के कारण संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है। चीन इस समय ओमीक्रॉन स्वरूप के दो सब वैरिएंट-बीए.5.2 और बीएफ.7 से प्रभावित है। कहा जा रहा है कि वायरस पहले तक फैलने के बाद दो से तीन दिन में अपना असर दिखाता था, पर अब वह चंद घंटों में फैलने लगा है। सब-वेरियंट एक से 16 लोगों में फैल रहा है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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