S Jaishankar SCO Summit Speech: पाकिस्तान में एससीओ समिट 2024 (SCO Summit 2024) को संबोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इशारों ही इशारों में चीन और पाकिस्तान दोनों को आइना दिखा दिया। एस जयशंकर ने कहा कि एससीओ का प्राथमिक लक्ष्य आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से लड़ना है, जो वर्तमान समय में और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इसके लिए ईमानदार बातचीत, विश्वास, अच्छे पड़ोसी होने और एससीओ चार्टर के प्रति प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। एससीओ को 'तीन बुराइयों' का मुकाबला करने में दृढ़ और समझौताहीन होने की आवश्यकता है।
क्या बोले एस जयशंकर
एससीओ सम्मेलन के दौरान जयशंकर ने कहा कहा कि सहयोग आपसी सम्मान, संप्रभु समानता पर आधारित होना चाहिए; इसे क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता को मान्यता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सहयोग वास्तविक साझेदारी पर आधारित होना चाहिए, न कि एकतरफा एजेंडे पर। एससीओ सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने सहयोग के लाभ प्राप्त करने के लिए समूह के चार्टर के प्रति प्रतिबद्धता के महत्व को रेखांकित किया।
संयुक्त राष्ट्र संघ में बदलाव का मुद्दा उठाया
एससीओ के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "...संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में व्यापक सुधार आवश्यक है। मैं आपको याद दिला दूं कि हमने जुलाई 2024 में अस्ताना में माना था कि संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता व्यापक सुधार के माध्यम से विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर निर्भर है। इसी तरह, हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनाए गए "भविष्य के लिए समझौते" में, हमारे नेताओं ने सुरक्षा परिषद में सुधार करने, इसे अधिक प्रतिनिधि, समावेशी, पारदर्शी, कुशल, प्रभावी, लोकतांत्रिक और जवाबदेह बनाने पर सहमति व्यक्त की है। एससीओ को ऐसे बदलाव की वकालत करने में अग्रणी होना चाहिए, न कि ऐसे महत्वपूर्ण मामले पर पीछे हटना चाहिए..."
