Iran US Israel Conflict: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हम किसी भी पायलट को पीछे नहीं छोड़ते हैं।
नेतन्याहू ने क्या कुछ कहा?
नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में राष्ट्रपति ट्रंप के साहसिक बचाव अभियान की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ''एक बहादुर अमेरिकी पायलट के साहसिक बचाव पर सभी इजरायली बेहद खुश हैं। यह साबित करता है कि जब स्वतंत्र समाज साहस और दृढ़ संकल्प के साथ खड़े होते हैं, तो वे असंभव लगने वाली चुनौतियों का भी सामना कर सकते हैं और अंधकार व आतंक की ताकतों को हरा सकते हैं।''
उन्होंने आगे कहा कि यह बचाव अभियान उस सिद्धांत को और मजबूत बनाता है जो कहता है कि हम किसी को पीछे नहीं छोड़ते... । यह एक साझा संकल्प है, जिसे हमारे दोनों देशों ने बार-बार अपने इतिहास में साबित किया है।
उन्होंने कहा कि एक ऐसे देश के रूप में जिसने कई साहसी बचाव अभियान चलाए हैं, और एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो ऐसे ही एक मिशन में घायल हुआ और जिसने एंटेब्बे ऑपरेशन में अपने भाई को खोया, हम भली-भांति समझते हैं कि आपने कितना साहसिक निर्णय लिया। नेतन्याहू ने ट्रंप को अपना प्रिय मित्र बताते हुए कहा कि आपके निर्णायक नेतृत्व ने एक बार फिर अमेरिका को एक बड़ी जीत दिलाई है।
अमेरिकी पायलट का हुआ रेस्क्यू
इससे पहले, ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान द्वारा लड़ाकू विमान गिराए जाने के बाद से लापता अमेरिकी सैन्य कर्मी को बचा लिया गया है। दरअसल, विमान के चालक दल का यह सदस्य शुक्रवार से लापता था, जब ईरान ने अमेरिकी एफ-15 ई स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया था। चालक दल के एक अन्य सदस्य को पहले ही बचा लिया गया था।
ट्रंप के मुताबिक, पायलट घायल है, लेकिन वह बिल्कुल ठीक हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उसने ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में शरण ली थी। ट्रंप के अनुसार, बचाव अभियान में दर्जनों विमान शामिल थे और अमेरिका उसकी लोकेशन पर 24 घंटे नजर रखे हुए था तथा उसके बचाव की सावधानीपूर्वक योजना बना रहा था।
