China stalling IMF relief to Sri Lanka: छोटे देशों को अपने कर्ज के जाल में उलझाकर उनके संसाधनों पर कब्जा करने वाले चीन की एक और 'चालबाजी' सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से तीन अरब अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज पाने की कोशिश कर रहे श्रीलंका की राह में चीन रोड़ा अटका रहा है। निक्की एशिया ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। श्रीलंका के ऊपर चीन का भारी कर्ज है और इस कर्ज की वजह से उसने अपने हम्बनटोटा बंदरगाह उसे 99 वर्षों के लीज पर देना पड़ा है। रणनीतिक रूप से अहम इस बंदरगाह को चीन विकसित कर रहा है।
श्रीलंका को 'अग्योग' ग्रेड दिया
इस बेलआउट पैकेज के सिलसिले में आईएमएफ के अधिकारी श्रीलंका के दौरे पर आए थे। इससे इस देश को आईएमएफ से कर्ज मिलने की उम्मीद बढ़ी। आईएमएफ के अधिकारी चाहते हैं कि चीन जो कि सबसे बड़ा कर्जदाता है, वह उसे 'वित्तीय गारंटी' दे लेकिन बीजिंग ने बेलआउट पैकेज की पहली समीक्षा में श्रीलंका को 'अग्योग' ग्रेड दिया, इससे कोलंबो को अगला आर्थिक राहत पैकेज मिलने के रास्ते में अड़चन पैदा हो गई है। आईएमएफ से श्रीलंका को दूसरी किस्त में 330 मिलियन डॉलर मिलना है।
अक्टूबर में चीन जाएंगे विक्रमसिंघे
बता दें कि श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे अक्टूबर मध्य में चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी इस यात्रा के दौरान चीन अपने रवैये में बदलाव कर सकता है। विक्रमसिंघे चीन की महात्वांकाक्षी परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव की 10वीं सालगिरह के मौके पर हो रहे सम्मेलन में शरीक होंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात और अपने कर्ज संकट पर बात करेंगे।
