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चीन की एक और चालबाजी, जासूसी के लिए बनाया आवाज से 3 गुना तेज सुपरसोनिक ड्रोन

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 19, 2023, 12:18 PM IST

China supersonic spy drone : वाशिंगटन पोस्ट में छपी रिपोर्ट में नेशनल जियोस्पाटियल-इंटेलिजेंस एजेंसी के एक गोपनीय दस्तावेज का जिक्र किया गया है। इस एजेंसी की रिपोर्ट की बातें अभी बाहर नहीं आई थीं लेकिन अखबार के इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सेना तकनीकी रूप से काफी प्रगति कर रही है और ताइवान के आसपास तैनात अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाने में यह उन्नत तकनीक चीन की मदद कर सकती है।

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रिपोर्ट में खुलासा-जल्द ही इस ड्रोन को तैनात करेगा चीन। -प्रतीकात्मक तस्वीर

Photo : ANI

China supersonic spy drone : दुनिया पर अपना दबदबा बनाने के लिए चीन समय-समय पर अपनी धौंस दिखाता है। कभी पड़ोसी देशों की संप्रभुता पर सवाल उठाता है तो कभी घातक हथियारों की नुमाइश कर अपनी आंखें तरेरता है। अब देशों की जासूसी करने के लिए उसने एक सुपरसोनिक ड्रोन बनाया है। यह जासूसी ड्रोन की आवाज की गति से करीब तीन गुना तेजी से काफी ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है। इसका खुलासा एक लीक हुई एक अमेरिकी सैन्य आंकलन रिपोर्ट में हुई। माना जा रहा है कि इस ड्रोन की तैनाती के बाद चीन की निगरानी क्षमता में कई गुना इजाफा हो जाएगा।

तकनीकी रूप से चीन ने काफी प्रगति की-रिपोर्ट

वाशिंगटन पोस्ट में छपी रिपोर्ट में नेशनल जियोस्पाटियल-इंटेलिजेंस एजेंसी के एक गोपनीय दस्तावेज का जिक्र किया गया है। इस एजेंसी की रिपोर्ट की बातें अभी बाहर नहीं आई थीं लेकिन अखबार के इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सेना तकनीकी रूप से काफी प्रगति कर रही है और यह उन्नत तकनीक ताइवान के आसपास तैनात अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाने में चीन की मदद कर सकती है।

शंघाई से करीब 350 मील दूर है यह एयरबेस

इस दस्तावेज में गत 9 अगस्त को सैटेलाइट से ली गईं तस्वीरें में पूर्वी चीन स्थित एक वायु सेना ठिकाने को दिखाया गया है। इस रिपोर्ट में रॉकेट से चलने वाले WZ-8 ड्रोन की तस्वीर दी हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन का यह एयरबेस शंघाई से करीब 350 मील दूर एक द्वीप पर है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि इस ड्रोन के जरिए चीन अपने दुश्मन देशों की सैन्य तैनाती के बारे में रीयल टाइम डाटा और सूचना प्राप्त कर सकता है। भविष्य में टकराव होने पर वह इस ड्रोन के जरिए मिसाइल हमला भी कर सकता है।

ताइवान के पास अमेरिकी युद्धपोतों को नुकसान हो सकता है

इस सैन्य आंकलन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने इस बेस पर अपने पहले मानवरहित एरियल वेहिकल यूनिट को करीब-करीब तैनात कर लिया है। चीन का यह एयरबेस उसके पूर्वी थियेटर कमांड के अधीन आता है। यह वही कमांड है जो ताइवान पर चीन के दावों को धरातल पर उतारने के लिए सैन्य गतिविधियां करता आया है। अखबार के इस रिपोर्ट पर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और चीन से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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