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China में COVID केस रिकॉर्ड स्तर पर, कड़े प्रतिबंधों पर विरोध, नारे लगा चीखे चीनी- गद्दी छोड़ो, इस्तीफा दो शी

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 27, 2022, 10:03 PM IST

Covid-19 Protest in China: दरअसल, चीन में कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए कड़े प्रतिबंधों के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन तेज हो गए। इस बीच, देश में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और रविवार को करीब 40,000 नए मामले सामने आए।

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शंघाई में रविवार को जहां पर प्रदर्शनकारी एकजुट हुए थे, उस जगह को ब्लॉक करते हुए चीनी पुलिस अफसर। (फोटोः AP)

Photo : IANS

Covid-19 Protest in China: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस भले ही भारत में सुस्त पड़ गया हो, मगर चीन में फिलहाल इससे जुड़े कड़े प्रतिबंध अमल में हैं। संक्रमण के मामले रिकॉर्ड स्तर पर होने के बीच प्रतिबंधों के खिलाफ वहां के शहरों में जगह-जगह प्रदर्शन हुए। इस बीच, लोगों का गुस्सा सीधे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ गुस्सा फूटा।

वैसे, चीन में ऐसे प्रदर्शन दुर्लभ हैं। वहां के सोशल मीडिया और ट्विटर पर उपलब्ध कई वीडियो में लोग शंघाई समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन करते और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के साथ देश के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।

बताया गया कि कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार भी किए गए। हालांकि, इस बाबत आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, कई वीडियो में विभिन्न विश्वविद्यालय परिसरों में छात्र लॉकडाउन का विरोध करते दिखाई दिए।

उधर, सरकार ने शनिवार को शिनजियांग की राजधानी उरुमकी से लॉकडाउन हटाने के लिए कदम उठाए। उरुमकी में गुरुवार को लॉकडाउन के दौरान एक अपार्टमेंट में आग लग जाने से 10 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद वहां सप्ताहांत में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन हुए। पुलिस ने आधी रात में ‘मिडल उरुमकी रोड’ पर एकत्र हुए करीब 300 प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया।

झाओ नाम के एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि उसके एक मित्र को पुलिस ने पीटा और उसके दो मित्रों के खिलाफ मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शनकारी ने अपना उपनाम ही बताया। उसने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने ‘शी चिनफिंग, इस्तीफा दो, कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता छोड़ो’, ‘शिनजियांग से प्रतिबंध हटाओ, चीन से प्रतिबंध हटाओ’, ‘हम पीसीआर (जांच) नहीं कराना चाहते, स्वतंत्रता चाहते हैं’ और ‘प्रेस की स्वतंत्रता’ सहित कई नारे लगाए।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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