China Bulldozer Video: चीन से एक वीडियो सामने आया है, जो बेहद हैरान करने वाला है। इसमें एक शख्स को बुलडोजर से तबाही मचाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बुलडोजर चला रहे शख्स ने वाहनों को क्या, लोगों की भीड़ को भी कुचलने से नहीं बक्शा। शनिवार की इस घटना में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
दरअसल, 50 साल के आस-पास के एक व्यक्ति ने जान-बूझकर बीजिंग के फांगशान जिले में स्थित एक भीड़भाड़ वाले सब्जी और पारंपरिक बाजार, दहानजी मार्केट में एक बुलडोजर घुसा दिया। यह घटना 29 मार्च को दोपहर के आस-पास हुई; वीडियो में देखा जा सकता है कि बुलडोजर तेजी से दुकानों के बीच से गुजर रहा है और कई पैदल चलने वालों तथा दुकानदारों को टक्कर मार रहा है।
क्यों लोगों पर चढ़ा दिया बुलडोजर?
बताया जा रहा है कि संदिग्ध व्यक्ति लंबे समय से याचिकाकर्ता था, जिसे जबरदस्ती तोड़फोड़ और स्थानीय सरकारी मुद्दों को लेकर शिकायतें थीं। हालांकि, लोगों को मारने के बाद शख्स को वहां मौजूद लोगों ने गाड़ी से बाहर खींचकर पीटा और बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
सामाजिक बदले की भावना से किए गए इस हमले से जुड़ी खबरों को चीन के भीतर पूरी तरह से सेंसर कर दिया गया है। सरकारी मीडिया या आधिकारिक चैनलों की ओर से इस बारे में कोई रिपोर्ट नहीं आई है, जबकि विदेशों में मौजूद चीनी मीडिया ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो के आधार पर इस घटना का ब्योरा प्रकाशित किया है।
चीनी कलाकारों ने बीजिंग में रामायण पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की
चीनी कलाकारों ने ’आदि काव्य- द फर्स्ट पोएम’ नामक एक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की, जो जाने-माने चीनी विद्वान जी शियानलिन द्वारा किए गए रामायण के अनुवाद पर आधारित है। चीनी भरतनाट्यम कलाकार जिन शानशान द्वारा निर्देशित इस नाटिका में 50 से अधिक स्थानीय कलाकारों ने हिस्सा लिया, और इसका आयोजन शनिवार को पुराने भारतीय दूतावास परिसर में किया गया।
निवर्तमान भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने दूतावास के अधिकारियों के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस महीने के आखिर में सेवानिवृत्त होने जा रहे रावत की जगह ब्रिटेन में भारत के मौजूदा राजदूत विक्रम दुरईस्वामी लेंगे।
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में लगभग 200 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें ज़्यादातर चीनी और बीजिंग में मौजूद राजनयिक समुदाय के लोग शामिल थे।
यह तीसरी बार है जब बीजिंग में इस नृत्य-नाटिका का मंचन किया गया। इसका पहला मंचन पिछले साल जनवरी में हुआ था। पिछले साल दूतावास ने ’संगमम-भारतीय दार्शनिक परंपराओं का संगम’ विषय पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया था, जिसमें जाने-माने चीनी विद्वानों ने भगवद्गीता और भारतीय सभ्यतागत मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए थे।
