चीन और अमेरिका के बीच दुश्मनी दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। व्यापार से लेकर समुद्र तक में दोनों देश एक दूसरे को हमेशा नीचे दिखाने में लगे हुए हैं। चीन ने अब एक ऐसा कदम उठाया है, जिससे अमेरिका चिढ़ सकता है। अमेरिका ने चीन के जिस जनरल पर बैन लगाया था, उसी को चीन ने अब रक्षा मंत्री बना दिया है।
चीन का संदेश
चीन ने इस कदम को उठाकर अमेरिका को सीधा संदेश दिया है कि वो चाहे जो करे, वो अपने जनरलों को अकेला नहीं छोड़ेगा। भले ही अमेरिका उसके जनरल को प्रतिबंधित ही क्यों न कर दे।
क्यों लगा था प्रतिबंध
अमेरिका ने रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए 2018 में चीन के उपकरण विकास विभाग (ईडीडी) द्वारा रूसी सुखोई एसयू-35 लड़ाकू विमान और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल एस-400 की खरीद करने के लिए एयरोस्पेस इंजीनियर एवं पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जनरल, जनरल ली शांगफू पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिका ने ईडीडी और उसके तत्कालीन निदेशक जनरल ली, दोनों पर प्रतिबंध लगाया था।
10 साल पर बदलते हैं अधिकारी
रविवार को जनरल ली की चीन की संसद, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (सीपीसी) द्वारा नये रक्षा मंत्री के रूप में पुष्टि की गई। वह जनरल वेई फेंघे का स्थान लेंगे। जनरल ली को विभिन्न मंत्रालयों के लिए नये कैबिनेट मंत्रियों के साथ नियुक्त किया गया। चीन में प्रत्येक 10 साल पर चीनी सरकार के अधिकारी बदल दिये जाते हैं। शनिवार को जनरल ली को केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था जो चीनी सेना की उच्च कमान है और इसका नेतृत्व राष्ट्रपति शी चिनफिंग के पास है।
